Asian Waterbird Census ने खोले राज, आसन वेटलैंड में क्यों बढ़ रहे प्रवासी पक्षी?

उत्तराखंड के प्रसिद्ध Asan Wetland (आसन वेटलैंड) में चल रहे Asian Waterbird Census 2025 के तहत प्रवासी जलपक्षियों की विस्तृत गणना की गई। इस अभियान के दौरान 126 species के कुल 5806 migratory birds रिकॉर्ड किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक उल्लेखनीय बढ़ोतरी मानी जा रही है। इस गणना में कई rare और endangered bird species की मौजूदगी भी सामने आई है।

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर का अभियान

यह गणना International Waterbird Census (IWC) के 40वें और Indian Waterbird Census के 60वें संस्करण के अंतर्गत की गई। अभियान में बड़ी संख्या में bird lovers, स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएं और Uttarakhand Forest Department के अधिकारी शामिल रहे।

दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों की मौजूदगी

पक्षी गणना के दौरान आसन वेटलैंड में कई ऐसी प्रजातियां देखी गईं, जो या तो दुर्लभ (rare) हैं या फिर संकटग्रस्त (threatened category) में आती हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

Steppe Eagle

Common Pochard

Ferruginous Duck

Egyptian Vulture

Pallas’s Fish Eagle

Asian Woolly-necked Stork

River Lapwing

इन प्रजातियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि Asan Ramsar Site प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल habitat बना हुआ है।

सबसे ज्यादा दिखा सुर्खाब (Red-crested Pochard)

इस बार की गणना में Red-crested Pochard (सुर्खाब) सबसे अधिक संख्या में दर्ज किया गया। कुल 983 सुर्खाब चिन्हित किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार, सुर्खाब की बड़ी आबादी के कारण ही आसन वेटलैंड को Ramsar Site का दर्जा प्राप्त है।

पिछले साल की तुलना में बेहतर आंकड़े

गणना के समन्वयक Sanjay Sondhi ने बताया कि इस वर्ष के आंकड़े पिछले साल की तुलना में बेहतर रहे हैं।

2024 Census: 118 प्रजातियां, 5287 पक्षी

2025 Census: 126 प्रजातियां, 5806 पक्षी

यह बढ़ोतरी wetland conservation, बेहतर पर्यावरणीय परिस्थितियों और संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

कई संस्थानों की रही भागीदारी

इस bird census अभियान में Uttarakhand Forest Department, Uttarakhand State Biodiversity Board, eBird India, Asian Waterbird Census, विभिन्न शैक्षणिक संस्थान, Titli Trust, Dehradun Nature Walk, और Wildlife Prevention Society सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।