Uttarakhand Teacher Recruitment 2026: 1670 Posts का मामला अब Supreme Court में

Uttarakhand में primary teacher recruitment का मामला लगातार कानूनी जंजाल में उलझता जा रहा है। अब राज्य में चल रही 1670 पदों की भर्ती भी Supreme Court तक पहुंच गई है।

61861 अभ्यर्थियों ने सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लिए आवेदन किया है। इस भर्ती में B.Ed उम्मीदवार पात्र नहीं माने जा रहे हैं, जबकि B.Ed के बाद 6 महीने का Bridge Course पूरा करने वाले प्रशिक्षित अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की मांग कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें द्विवर्षीय D.El.Ed के समकक्ष माना जाए।

कानूनी दांव-पेंच: विभाग की दुविधा

शिक्षा विभाग के सामने स्थिति जटिल है। एक तरफ, राज्य के सभी स्कूलों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षक जिन्होंने D.El.Ed training National Institute of Open Schooling से पूरी की है, उन्हें कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए वैध माना गया है।

दूसरी तरफ, Supreme Court के 11 अगस्त 2023 के आदेश में कहा गया कि B.Ed अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए पात्र नहीं होंगे।

ममता पाल और अन्य ने दाखिल की याचिका

इस भर्ती प्रक्रिया में ममता पाल और अन्य अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इससे पहले ये अभ्यर्थी Uttarakhand High Court गए थे, लेकिन हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब मामला Supreme Court पहुंचा है।

D.El.Ed अभ्यर्थियों की मांग

D.El.Ed candidates चाहते हैं कि 1670 पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। उनका मानना है कि जितनी देरी होगी, भर्ती उतनी ही legal complications में फंसती जाएगी।

12 जनवरी को होगी काउंसलिंग

प्राथमिक शिक्षक भर्ती के तहत 12 जनवरी 2026 को सभी जिलों में सिंक्रोनाइज्ड counseling होगी। इसका उद्देश्य यह है कि एक अभ्यर्थी के चयन के बाद उसे दूसरे जिले में चयन का अवसर न मिले।

शिक्षा निदेशालय ने शासन को लिखा पत्र

सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद Uttarakhand Education Directorate ने State Government को पत्र लिखा है, जिसमें Advocate on Record नियुक्त कर legal representation सुनिश्चित करने की बात कही गई है।