ओमान तट के पास जहाज पर हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने जताया गहरा शोक

नई दिल्ली: ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने गुरुवार को इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह भारतीय समुद्री समुदाय के लिए बड़ी क्षति है।

24 भारतीय चालक दल के सदस्य थे सवार

पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Settebello पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज पर हुए हमले के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि तीन नाविक लापता बताए गए थे। बाद में दो शव बरामद होने और खोज अभियान के दौरान मिली जानकारी के आधार पर तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की गई।

सरबानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह भारतीय समुद्री परिवार के लिए गहरा आघात है और केंद्र सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को बचाए गए चालक दल के सदस्यों की शीघ्र स्वदेश वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर भारत लाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

विदेश मंत्रालय की निगरानी में बचाव अभियान

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि ओमान के तट के पास हमले का शिकार हुए जहाज से 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। तीन भारतीयों की तलाश के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, MT Settebello खाड़ी-ए-ओमान से गुजर रहा था, तभी वह हमले की चपेट में आ गया। बताया गया कि यह जहाज किसी प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं था।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव

यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत ने कूटनीतिक समाधान पर दिया जोर

भारत ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। नई दिल्ली ने कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों, नागरिक आबादी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाइयों से बचा जाना चाहिए।

भारत ने संवाद और कूटनीति के जरिए संकट का समाधान निकालने पर जोर देते हुए जल्द से जल्द हिंसा समाप्त करने की आवश्यकता बताई है। सरकार ने चेतावनी दी कि क्षेत्रीय संघर्ष से वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा बाजार और समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

मानवीय और आर्थिक संकट की आशंका

भारत ने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष से बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है, हजारों लोग घायल हो रहे हैं और आम नागरिकों का विस्थापन बढ़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसके व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।