“21 Hours of Talks, One Call and It All Ended: Why Did the US-Iran Negotiations Fail?”
US-Iran Peace Talks Failure: Inside Story — पाकिस्तान में हुई high-stakes negotiation के बाद भी अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच कोई final agreement नहीं हो सका। करीब 21 घंटे तक चली marathon talks के बावजूद बातचीत अचानक टूट गई। ईरान ने दावा किया है कि इस failure के पीछे एक अहम वजह इजरायल (Israel) के प्रधानमंत्री की फोन कॉल रही।
Netanyahu Call से बदला बातचीत का फोकस
ईरान के अनुसार, बैठक के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance को Benjamin Netanyahu का फोन आया, जिसके बाद बातचीत का फोकस US-Iran negotiation से हटकर Israel’s strategic interests की ओर चला गया।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने आरोप लगाया कि इस कॉल के बाद:
वार्ता का एजेंडा बदल गया
अमेरिका ने नई शर्तें रखनी शुरू कर दीं
बातचीत का संतुलन बिगड़ गया
Iran का आरोप: “Table पर हासिल करना चाहते थे War का Result”
अराघची के मुताबिक, अमेरिका ने बातचीत की मेज पर वह हासिल करने की कोशिश की, जो वह military action के जरिए हासिल नहीं कर पाया था।
उन्होंने कहा कि ईरान ने good faith में बातचीत में हिस्सा लिया, लेकिन:
अमेरिका की excessive demands बढ़ती गईं
बातचीत का माहौल असंतुलित हो गया
21 घंटे की Marathon Talks फिर भी No Agreement
पाकिस्तान में हुई इस peace negotiation में:
direct talks और technical discussions शामिल थे
कई मुद्दों पर प्रगति हुई
लेकिन core issues unresolved रह गए
ईरानी संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि:
ईरान ने future-oriented proposals पेश किए
लेकिन अमेरिका trust build करने में विफल रहा
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले conflicts के अनुभवों के कारण ईरान अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता।
Nuclear Issue और Hormuz बना Major Dispute
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका का फोकस था:
ईरान के nuclear program को सीमित करना
Strait of Hormuz से जुड़े strategic control के मुद्दे
ईरान ने इन मांगों को अपनी sovereignty और national interest के खिलाफ बताते हुए अस्वीकार कर दिया।
US Response और Trump Statement
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि कड़े बयानों के बाद ही ईरान बातचीत की मेज पर आया था।
उन्होंने संकेत दिया कि:
अभी बातचीत खत्म नहीं हुई है
भविष्य में talks resume हो सकती हैं
अमेरिका अपनी शर्तों पर समझौता चाहता है
हालांकि, वॉशिंगटन ने Benjamin Netanyahu की कॉल को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
What Next: आगे क्या हो सकता है?
मौजूदा स्थिति में:
US-Iran relations और तनावपूर्ण हो सकते हैं
Middle East geopolitics में instability बढ़ सकती है
global oil routes और energy market पर असर पड़ सकता है
फिलहाल, यह स्पष्ट है कि एक संभावित peace deal आखिरी समय में राजनीतिक और रणनीतिक कारणों से टूट गई।