Will Middle East tensions rise? Owaisi makes a big claim on PM Modi's visit.
Asaduddin Owaisi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के Israel दौरे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसे फिलिस्तीन के प्रति भारत के ऐतिहासिक समर्थन के खिलाफ बताया।
ओवैसी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के दौरे के समाप्त होते ही अमेरिका द्वारा Iran पर हमला किए जाने की आशंका है, जिससे Middle East Tension और बढ़ सकता है।
Gaza को लेकर सख्त टिप्पणी
ओवैसी ने Gaza Strip की स्थिति को गंभीर बताते हुए वहां हो रही घटनाओं को ‘नरसंहार’ करार दिया। उन्होंने Benjamin Netanyahu पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि ऐसे समय में Israel का दौरा करना भारत की पारंपरिक Foreign Policy से अलग कदम है।
उनका कहना है कि भारत ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीनी अधिकारों का समर्थन करता आया है और मौजूदा यात्रा उस नीति से विचलन दर्शाती है।
Congress ने भी उठाए सवाल
Indian National Congress ने भी प्रधानमंत्री के Israel Visit पर सवाल उठाए।
कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने भारत के ऐतिहासिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने अतीत में फिलिस्तीन के समर्थन में कई अहम कदम उठाए थे।
वहीं Priyanka Gandhi Vadra ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री Israel की संसद Knesset को संबोधित करते हुए Gaza में शांति और न्याय का मुद्दा उठाएंगे।
PM Modi का संबोधन और India-Israel Relations
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय Israel Tour पर हैं। उन्होंने Knesset में अपने संबोधन में Gaza Peace Initiative को क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग बताया।
उन्होंने कहा कि भारत और Israel दोनों आतंकवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट नीति अपनाते हैं तथा Global Coordination के जरिए इस चुनौती से निपटने की जरूरत है।
Ben Gurion Airport पर प्रधानमंत्री का स्वागत स्वयं Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने किया।
Middle East में बढ़ता Geopolitical Tension
Owaisi के बयान के बाद India Foreign Policy, Gaza Conflict, Iran-Israel Tension और US Involvement जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि PM Modi के Israel Visit के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।