Political Vendetta or Truth? High Court Stays CMM Court Proceedings
Uttarakhand के Champawat district में पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिश में दर्ज आपराधिक मामले पर हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक (Stay Order) लगा दी है।
Uttarakhand High Court की एकल पीठ, न्यायमूर्ति Alok Mehra ने महेंद्र सिंह ढेक और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) चंपावत की अदालत में लंबित कार्यवाही को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद अगस्त 2025 की एक घटना से जुड़ा है। शिकायतकर्ता महिला ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आरोप लगाया था कि 14 अगस्त 2025 की रात करीब 11:25 बजे महेंद्र ढेक और अन्य लोग उनके घर में जबरन घुस आए।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने घर का दरवाजा तोड़ा और बेडरूम में प्रवेश किया। महिला का दावा था कि उसने अपने पति और बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर किसी तरह जान बचाई और पुलिस के पहुंचने पर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर Chargesheet दाखिल की।
बचाव पक्ष का दावा: Political Motivation
महेंद्र ढेक के अधिवक्ता संजय भट्ट ने कोर्ट में तर्क दिया कि मामला पूरी तरह Political Vendetta से प्रेरित है।
बचाव पक्ष के अनुसार, याची ने BDC Member का चुनाव लड़ा था और अन्य आरोपी उनके समर्थक थे। शिकायतकर्ता के पति प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के समर्थक बताए गए, जिन्हें चुनाव में महेंद्र ढेक ने हराया था।
वकील का कहना है कि चुनावी हार का बदला लेने के लिए झूठी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराई गई।
जांच रिपोर्ट में उठे सवाल
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पुलिस जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के कई दावों की पुष्टि नहीं हुई।
FIR में दरवाजा तोड़ने का गंभीर आरोप था, लेकिन जांच में घर का दरवाजा टूटा हुआ नहीं पाया गया।
प्राथमिकी में 10 लोगों के नाम दर्ज थे, लेकिन बिना ठोस सबूत के केवल 9 आरोपियों के खिलाफ ही Chargesheet दाखिल की गई।
बचाव पक्ष ने इसे जांच की विश्वसनीयता पर सवाल बताते हुए कार्यवाही रद्द करने की मांग की।
आगे क्या?
हाईकोर्ट के Stay Order के बाद फिलहाल निचली अदालत में सुनवाई रुकी रहेगी। अब राज्य सरकार और शिकायतकर्ता के जवाब के बाद मामले में अगली सुनवाई होगी।
Champawat का यह Panchayat Election Dispute मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम बन गया है।