Who is keeping an eye on the ‘jungle-mangal’ (forest affairs)? A complaint by Padma Shri Yogi Aeron has caused a stir.
देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में स्थित ‘जंगल-मंगल’ संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है। 87 वर्षीय पद्मश्री डॉ. योगी ऐरन ने आरोप लगाया है कि मंगलवार सुबह करीब 50 लोग उनकी संपत्ति में जबरन घुस आए। उन्होंने वहां रखे सामान को उठाने के साथ तोड़फोड़ की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में डॉ. ऐरन ने राजपुर थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।
सुबह छह बजे संपत्ति में घुसी भीड़, तोड़फोड़ का आरोप
डॉ. योगी ऐरन की शिकायत के मुताबिक, घटना कुठाल गेट स्थित ‘जंगल-मंगल’ परिसर में मंगलवार सुबह करीब छह बजे हुई। उनका आरोप है कि महिलाओं और पुरुषों सहित करीब 50 लोग पीछे के रास्ते से संपत्ति में दाखिल हुए। शुरुआत में वहां मौजूद कर्मचारियों को लगा कि वे लोग घूमने के लिए आए हैं, लेकिन कुछ ही देर में उन्होंने परिसर में रखा सामान उठाना शुरू कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तो आरोपियों ने कथित तौर पर धमकी दी और तोड़फोड़ करने के बाद वहां से चले गए। डॉ. ऐरन के अनुसार, वह अपनी बुजुर्ग पत्नी के साथ रहते हैं और इस घटना के बाद से भयभीत हैं। उन्होंने पुलिस को घटना से संबंधित फोटो, वीडियो और ऑडियो भी साक्ष्य के रूप में सौंपे हैं।
‘जंगल-मंगल’ की जमीन पर दोनों पक्ष जता रहे अपना हक
राजपुर थाना अध्यक्ष पीडी भट्ट के अनुसार, पुलिस को इस मामले में शिकायत मिली है। उन्होंने बताया कि जमीन पर दोनों पक्ष अपना-अपना अधिकार जता रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दूसरे पक्ष को वहां से हटाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व विभाग से सीमांकन कराने और जरूरी दस्तावेजों की जांच कराने की बात कही है। दोनों पक्षों से संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े कागजात मांगे गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही विवाद से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
‘भूमाफिया खत्म कर देंगे यहां की हरियाली’: योगी ऐरन
डॉ. योगी ऐरन का आरोप है कि कुछ लोगों की नजर उनकी ‘जंगल-मंगल’ संपत्ति पर है। उनका कहना है कि यह जगह शहर की प्रमुख लोकेशन पर स्थित है और कुछ लोग इसे अपने हित में खरीदना चाहते हैं। उन्हें आशंका है कि यदि इस स्थान पर निर्माण हुआ, तो यहां की हरियाली समाप्त हो सकती है।
डॉ. ऐरन ने कहा है कि वह इस जगह का अस्तित्व बनाए रखना चाहते हैं और इसे कंक्रीट के जंगल में तब्दील नहीं होने देना चाहते। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह वर्ष 1982 से यहां रह रहे हैं और ‘जंगल-मंगल’ की मूल जमीन को लेकर उनका कोई विवाद नहीं है।
पास की दूसरी संपत्ति का विवाद भी चर्चा में
मिली जानकारी के अनुसार, ‘जंगल-मंगल’ के पास स्थित एक अन्य संपत्ति को लेकर हरियाणा के कुछ लोगों और दूसरे पक्ष के बीच विवाद चल रहा है। बताया गया है कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। हालांकि, डॉ. ऐरन का कहना है कि पास की उस संपत्ति का विवाद ‘जंगल-मंगल’ की मूल जमीन से संबंधित नहीं है।
इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि दोनों संपत्तियों के विवादों के बीच कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल, इस संबंध में अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
1982 की रजिस्ट्री समेत जमीन के दस्तावेज खंगालेगी पुलिस
डॉ. ऐरन के पक्ष का दावा है कि वर्ष 1982 में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। हालांकि, उनके अनुसार, खरीदी गई जमीन का सटीक क्षेत्रफल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पुलिस पुराने दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रजिस्ट्री किससे कराई गई थी और उसमें कितनी जमीन दर्ज थी।
राजपुर थाना अध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि मामले की जांच कुठाल गेट चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस दोनों पक्षों से मिले दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी। राजस्व विभाग से सीमांकन कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
पुलिस ने डॉ. योगी ऐरन को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। फिलहाल, संपत्ति के मालिकाना हक और घटना से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।