Deadline for voter list revision in Uttar Pradesh extended, objections can be raised till March 6
बिहार (Bihar) में मतदाता सूची (Voter List) के प्रारूप प्रकाशित होने के बाद से ही राजनीतिक घमासान जारी है। विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav ने गरीबों के नाम कटने का आरोप लगाया, लेकिन Election Commission (EC) ने इन दावों को खारिज कर दिया।
शुक्रवार सुबह जारी Daily Bulletin on Voter Revision में चुनाव आयोग ने कहा—
“अंतिम मतदाता सूची में कोई भी योग्य मतदाता छूटना नहीं चाहिए और कोई भी अयोग्य मतदाता शामिल नहीं होना चाहिए।”
आयोग ने यह भी बताया कि अब तक किसी भी Political Party ने एक भी Claim या Objection दर्ज नहीं किया है।
EC की तैयारी: Polling Stations और BLOs की संख्या बढ़ी
Per Booth Voters Limit: बिहार देश का पहला राज्य है जिसने प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित कर दी।
Polling Stations: 77,895 से बढ़ाकर 90,712 किए गए।
BLOs (Booth Level Officers): संख्या 77,895 से बढ़ाकर 90,712 की गई।
Volunteers: एक लाख से अधिक किए जा रहे हैं।
BLA (Booth Level Agents): 1,38,680 से बढ़ाकर 1,60,813।
जिलावार – किन जिलों में सबसे ज्यादा नाम कटे?
मतदाता पुनरीक्षण के बाद जारी प्रारूप में लाखों नाम हटाए गए। प्रमुख जिलों के आंकड़े:
Patna – 3,95,500
Madhubani – 3,52,545
East Champaran – 3,16,793
Gopalganj – 3,10,363
Muzaffarpur – 2,82,845
Darbhanga – 2,03,315
Purnia – 2,73,920
Saran – 2,73,223
Gaya – 2,45,663
Bhagalpur – 2,44,612
(पूरी लिस्ट में सभी 38 जिलों के आंकड़े शामिल हैं, कुल हटाए गए नाम लाखों में हैं।)
तेजस्वी यादव का पलटवार
Tejashwi Yadav ने कहा—
“गरीबों का नाम मतदाता सूची से हटाकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जनता इसका इलाज करेगी।”