Uttarakhand Weather Update: What will the weather be like over the next week? Find out whether it will rain or if the sun will shine.
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है। राजधानी देहरादून में दिन और रात के तापमान के बीच करीब 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया जा रहा है। वहीं, हरिद्वार समेत मैदानी इलाकों में भी सुबह-शाम ठंडी हवाओं का असर दिखने लगा है। बदलते मौसम के बीच डॉक्टरों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
अगले सात दिन कैसा रहेगा उत्तराखंड का मौसम?
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, उत्तराखंड के सभी जिलों में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। ऐसे में दिन के समय धूप और सुबह-शाम ठंड का सिलसिला जारी रह सकता है। लोगों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनने और तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
देहरादून में दिन में 30 और रात में 15 डिग्री तापमान
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को देहरादून में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों के बीच 15 डिग्री का अंतर रहा। मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जबकि पहाड़ी इलाकों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी होने लगी हैं। दिन और रात के तापमान में इस अंतर के कारण लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो रही है।
हरिद्वार में भी बढ़ने लगा ठंड का असर
अक्तूबर में मौसम में हो रहे बदलाव का असर धर्मनगरी हरिद्वार में भी दिखाई देने लगा है। यहां तापमान में गिरावट के साथ सुबह और शाम ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का एहसास बढ़ रहा है। खासकर सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना के बीच लोगों को सुबह और शाम के तापमान को ध्यान में रखकर अपनी दिनचर्या तय करने की सलाह दी जा रही है।
बदलते मौसम में सेहत का रखें ध्यान
देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार के मुताबिक, तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान सुबह और शाम ठंड से बचाव करना जरूरी है। दिन में पसीना आने के बाद ठंडी हवा के संपर्क में रहने से परेशानी बढ़ सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टर ने सलाह दी कि पसीने से भीगे कपड़ों को जल्द बदल लें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें और पंखे या ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचें, खासकर जब शरीर पसीने से भीगा हो। मौसम के बदलते मिजाज के बीच थोड़ी सतर्कता बरतकर मौसमी परेशानी से बचा जा सकता है।