Uttarakhand Weather Alert: Crop in trouble, farmers in Rishikesh worried
Uttarakhand News / Rishikesh Rain Impact: उत्तराखंड के ऋषिकेश और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बीते 24 घंटे के दौरान हुई intermittent rain और तेज बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। Wheat crop की कटाई के अंतिम दौर में हुई इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी, दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
श्यामपुर, कांगड़ी, गाजीवाली, सजनपुर, बाहर पीली, पीली पड़ाव और पूरे श्यामपुर-लालढांग belt में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में रखी थी, उनकी उपज भीग गई है, जबकि कई जगहों पर खड़ी फसल भी झुक गई है।
कटाई के अंतिम चरण में मौसम ने दिया बड़ा झटका
अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक इलाके में अधिकांश किसानों की wheat harvesting लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। ऐसे समय पर मौसम ने अचानक करवट ली और लगातार बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई।
इसका सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ा, जिनकी कटी हुई फसल अभी खेतों में ही पड़ी थी। भीगने के कारण अब गेहूं के दानों के blackening, moisture damage और premature germination का खतरा बढ़ गया है। इससे फसल की quality और market value दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
खेतों में पानी भरने से खड़ी फसल भी प्रभावित
बारिश के बाद कई खेतों में पानी भर गया है, जिससे जमीन में लगातार नमी बनी हुई है। इसका असर खड़ी फसल पर भी दिखाई दे रहा है। कई जगह गेहूं की बालियां और पौधे झुक गए हैं, जिससे harvesting process धीमी हो गई है।
किसानों का कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, भीगी फसल की कटाई और उसकी मड़ाई में भी अतिरिक्त मेहनत और खर्च बढ़ेगा।
थ्रेसर मशीन से गेहूं निकालने में आ सकती है दिक्कत
किसानों के सामने अब एक और बड़ी चुनौती है — thresher operation। यदि गेहूं लंबे समय तक भीगा रहा, तो मशीन से अनाज निकालने में दिक्कत आ सकती है। इससे न सिर्फ processing cost बढ़ेगी, बल्कि समय भी ज्यादा लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसान लगातार खेतों का दौरा कर रहे हैं और फसल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बची हुई फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जा सके।
उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बारिश का असर केवल crop yield तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गेहूं की grain quality पर भी पड़ सकता है। यदि दाने खराब हुए, तो मंडी में उचित दाम मिलने की संभावना कम हो जाएगी।
यानी इस बारिश से किसानों को double loss का सामना करना पड़ सकता है —
एक तरफ उत्पादन घटने का खतरा
दूसरी तरफ बाजार में कम कीमत मिलने की आशंका
अगले कुछ दिनों तक मौसम बना रह सकता है चुनौती
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसानों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। यदि अगले कुछ दिनों तक light rain या बादल बने रहते हैं, तो खेतों में पड़ी फसल को और नुकसान हो सकता है। यही वजह है कि किसान अब साफ मौसम का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाकी फसल को बचाया जा सके।
ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में हुई बारिश ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि unseasonal rain किस तरह किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है। कटाई के ठीक समय पर बदले मौसम ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों के सामने production loss, quality issue और financial pressure जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।