Siren बजाकर Traffic Rules की धज्जियां, Kedarnath पर दो Ambulance जब्त
Kedarnath Yatra के रेडी-टू-गो ट्रैक पर दो ambulance चालक सिरियस मेडिकल इमरजेंसी की जगह queue jumping के लिए सायरन और फ्लैश लाइट का इस्तेमाल करते पकड़े गए। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की ओर तेज रफ्तार पर रोकने पर पुलिस ने दोनों वाहनों को seized कर लिया और चालकों के खिलाफ Motor Vehicles Act के तहत केस दर्ज किया है।
1. घटनाक्रम का विवरण (Incident Overview)
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दो ambulance सोनप्रयाग से गौरीकुंड के लिए चल रही थीं, लेकिन इनमें कोई मरीज नहीं था।
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रास्ते में siren बजाई गई और तेज speed में आगे बढ़ते हुए यात्रियों ने भीड़ को पीछे छोड़ दिया।
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अकरो ब्रिज के पास पुलिस ने वाहन रोके और पाया कि अंदर बैठे तीर्थयात्री थे—बिलकुल आराम से, बिना किसी medical equipment के।
2. चालकों का खुलासा (Drivers’ Confession)
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चालकों की पहचान निखिल विल्सन मसीह (Haridwar) और कृष्ण कुमार (Amroha) के रूप में हुई।
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दोनों ने स्वीकार किया कि उन्हें paid service के रूप में किराए पर लिया गया था ताकि तीर्थयात्री ट्रैफिक जाम और लंबी कतार से बच सकें।
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एक लक्ज़री एम्बुलेंस में एक यात्री, दूसरी साधारण एम्बुलेंस में दो यात्री सवार थे; बाद में उसमें रास्ते में तीन और लोग भी चढ़े।
3. पुलिस की कार्रवाई (Police Action)
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Gaurikund में कोई अस्पताल न होने के कारण मेडिकल इमरजेंसी का दावा संदिग्ध था।
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पुलिस ने वाहन जब्त किए और चालकों को challan काटकर मुवई (MV Act) के तहत मामला दर्ज किया।
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प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह ambulance misuse कॉमन प्रैक्टिस बन चुका है।
4. Kedarnath Trek मार्ग का परिचय (About the Route)
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Sonprayag to Gaurikund का करीब 2 किलोमीटर का ट्रैक पैदल या shared shuttle van से तय होता है।
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Gaurikund के बाद ही motorable road खत्म होती है और वास्तविक Kedarnath Trek शुरू होता है, जिसमें rugged terrain और thin mountain air चुनौतीपूर्ण साबित होते हैं।
5. कानूनी पहलू और Safety Advisory (Legal & Safety Advisory)
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अगर कोई सच्ची मेडिकल इमरजेंसी होती, तो यात्री Ram‑nagar या Rudraprayag की ओर medical facility के लिए जाते।
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पुलिस चेतावनी दे चुकी है कि किसी भी ओर से बिना genuine emergency के ambulance सेवा का दुरुपयोग करने पर strict legal action लिया जाएगा।
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तीर्थयात्री सलाह पाएंगे कि ट्रैफिक और सर्विस डिले से बचने के लिए केवल authorized vehicles और official shuttle का ही उपयोग करें।