Hearing on Banbhoolpura encroachment case adjourned again; hearing now scheduled in the SC for September 17.
NEET Paper Leak समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे Exam Paper Leak मामलों को लेकर दायर नई Public Interest Litigation (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तत्काल सुनवाई से दूरी बना ली है। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका का दायरा काफी व्यापक है और यह भी सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में अदालत की भूमिका की भी एक सीमा होती है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलील दी कि NEET सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस पर प्रभावी न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत आखिर ऐसे मामलों में कितना हस्तक्षेप कर सकती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि NEET-UG Paper Leak Case से जुड़ी सुनवाई पहले से ही उसके समक्ष लंबित है। नई जनहित याचिका पर सुनवाई फिलहाल अगले महीने तक टाल दी गई है।
याचिका में क्या उठाए गए हैं मुद्दे?
रिपोर्ट के अनुसार, यह PIL अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि बार-बार होने वाले Paper Leak छात्रों के लिए केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट भी पैदा करते हैं।
याचिका में तर्क दिया गया है कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों की वर्षों की मेहनत, कोचिंग, अध्ययन सामग्री, यात्रा और अन्य तैयारियों पर किया गया खर्च बेकार हो जाता है। साथ ही, यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार को भी प्रभावित करती है।
दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा प्रदर्शन का मामला
इस बीच, CJP Protest के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित Excessive Force के आरोपों को लेकर दायर याचिका पर भी दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि मामले को अगले दिन सूचीबद्ध किया जाएगा।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि Parliament March के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावे भ्रामक हैं।
छात्रों के भविष्य पर बनी हुई है चिंता
देशभर में Competitive Exams, Exam Security और Education System को लेकर बहस जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है, ताकि छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर कायम रह सके।