Sirens and explosions during Shabbat: Indian workers' accounts from Jerusalem
Iran और Israel के बीच बढ़ते military conflict ने हजारों भारतीयों की Holi पर घर लौटने की उम्मीदों को तोड़ दिया है। UP और Bihar से काम या कारोबार के लिए Gulf देशों और Israel गए लोग missile attacks और air strikes के डर से bunkers में शरण लेने को मजबूर हैं। Flights cancel होने के कारण कई लोग Dubai, Doha और Jerusalem में फंसे हुए हैं।
गोरखपुर के अब्दुल रहमान ने Dubai से बताया कि एयरपोर्ट के पास छह मिसाइलें air defense system द्वारा हवा में मार गिराई गईं। धमाकों की आवाजें इतनी तेज थीं कि लोग कमरों से बाहर भागने लगे। वहीं, Israel के Ashdod शहर में काम कर रहे संदीप कुमार की दो मार्च की India return flight रद्द हो गई। Jerusalem और Petah Tikva के बीच काम कर रहे जनार्दन ने बताया कि सुबह लगातार सायरन और धमाकों की आवाजें आती रहीं।
Kushinagar के नंदलाल विश्वकर्मा इस समय West Bank क्षेत्र में हैं। उनका कहना है कि residential areas में हालात ज्यादा गंभीर हैं। सायरन बजते ही लोग नजदीकी bunkers की ओर दौड़ पड़ते हैं। Shabbat के दौरान public transport बंद रहता है, जिससे emergency में निकलना और मुश्किल हो जाता है।
सीवान के जितेंद्र प्रसाद तीन साल बाद Holi मनाने घर लौटने वाले थे, लेकिन Doha airport पर उन्हें पता चला कि उड़ानें रोक दी गई हैं। फिलहाल कई भारतीयों को airport के पास अस्थायी कैंपों में ठहराया गया है। Siddharthnagar के कुछ छात्र, जो Iran में धार्मिक शिक्षा के लिए गए हैं, उनसे संपर्क न हो पाने के कारण परिवारों में चिंता का माहौल है।
इस बीच, Iran के Supreme Leader Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश में भी alert जारी किया गया है। Police और intelligence units को sensitive districts, खासकर Shia बहुल इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। Middle East Crisis का असर न सिर्फ international politics पर बल्कि भारतीय प्रवासियों और उनकी families की Holi celebrations पर भी साफ दिखाई दे रहा है।