वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केवल खुराना का निधन, पुलिस विभाग में शोक की लहर

उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केवल खुराना का दुखद निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।

कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित अधिकारी—

2005 बैच के आईपीएस अधिकारी केवल खुराना ने उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया। अपनी अनुशासनप्रियता, कर्तव्यपरायणता और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता के कारण वे हमेशा पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत रहे। वर्तमान में वे आईजी स्तर पर होमगार्ड विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और इससे पहले भी उन्होंने कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं।

यातायात व्यवस्था सुधारने में विशेष योगदान–

देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में केवल खुराना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने देहरादून में एसएसपी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। उत्तराखंड के पहले ट्रैफिक डायरेक्टर के रूप में उन्होंने नवाचार किए, जिनमें 29 फरवरी 2020 को शुरू किया गया ‘उत्तराखंड ट्रैफिक आई एप’ (Uttarakhand Traffic Eyes App) प्रमुख था। इस एप का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को यातायात प्रबंधन में सहयोगी बनाना था। बाद में इस एप को ‘उत्तराखंड पुलिस एप’ में एकीकृत किया गया, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सका।

एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड से सम्मानित—

केवल खुराना के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2022 में एफआईसीसीआई स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड (FICCI Smart Policing Award) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके नवाचारों और पुलिस सुधार के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान का प्रमाण था।

साहित्य और संगीत में विशेष रुचि—

प्रशासनिक कार्यों से इतर, केवल खुराना को साहित्य और संगीत से भी गहरा लगाव था। वे एक प्रतिभाशाली ग़ज़ल गायक थे और कई मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुके थे। उनकी इस कला को उनके सहयोगियों और समाज के अन्य लोगों द्वारा खूब सराहा जाता था।

उत्तराखंड पुलिस विभाग की ओर से श्रद्धांजलि—

उनके निधन पर उत्तराखंड पुलिस विभाग ने गहरी संवेदना प्रकट की है। वरिष्ठ अधिकारियों और उनके सहयोगियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके असामयिक निधन से उत्तराखंड पुलिस ने एक योग्य, समर्पित और प्रेरणादायी अधिकारी को खो दिया है।