Mukhya Sevak Sadan में जनसुनवाई: शिकायतों पर तुरंत एक्शन का आदेश

उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने अपने आधिकारिक आवास स्थित Mukhya Sevak Sadan में जनसुनवाई (Public Hearing) आयोजित की। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

किन मुद्दों को उठाया गया?

राज्य के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने कई अहम समस्याएं सामने रखीं:

Drinking Water Shortage

Road Connectivity Issues

Electricity Problems

Healthcare Gaps

Education Challenges

Land Disputes

यह Public Grievance Redressal System का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।

CM Dhami के सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए:

हर शिकायत पर Priority Action लिया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही (Negligence) बर्दाश्त नहीं होगी

Regular Monitoring सुनिश्चित की जाए

शिकायतकर्ताओं को Action Taken Report दी जाए।उन्होंने Time-Bound Resolution पर विशेष जोर दिया।

Governance Approach: Direct Connect Model

CM Dhami ने कहा कि Public Hearing केवल औपचारिकता नहीं है। यह Government और Citizens के बीच Direct Communication Channel है। Ground-level issues समझना बेहतर Policy Making के लिए जरूरी है। यह मॉडल Effective Governance और Accountability को मजबूत करता है।

Remote Areas पर फोकस

मुख्यमंत्री ने खासतौर पर:

Remote Areas

Border Regions

के विकास को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि:

Government Schemes Transparent तरीके से लागू हों

Service Delivery Efficient और Timely हो

Char Dham Yatra: तैयारियों की सराहना

इस दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री Himani Shivpuri ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और Char Dham Yatra की तैयारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए बेहतर और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है।

Anganwadi Workers की प्रतिक्रिया

जनसुनवाई में शामिल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया के लिए CM का धन्यवाद किया

जल्द समाधान की उम्मीद जताई

Accountability और Action पर जोर
CM Dhami की यह Public Hearing यह दर्शाती है कि Government Citizen-centric approach अपना रही है। Transparency और Accountability को प्राथमिकता दी जा रही है ।Ground-level समस्याओं पर तेजी से काम करने की कोशिश हो रही है। यह पहल Uttarakhand में Good Governance Model का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रही है।