“PM Modi in Trinidad: भारतीय समुदाय को किया संबोधित, कमला परसाद को दिया महाकुंभ जल”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह Trinidad and Tobago Visit पर पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला परसाद-बिसेसर, उनके 38 कैबिनेट मंत्री और 4 सांसद स्वयं एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी को देश के Highest Civilian Honour से नवाज़ा जाएगा — एक ऐसा सम्मान जो भारत और कैरेबियाई देशों के बीच रिश्तों की गहराई को दर्शाता है।

भारतीय प्रवासियों को किया संबोधित: ‘आपने मिट्टी छोड़ी, संस्कार नहीं’

PM मोदी ने त्रिनिदाद में बसे Indian Diaspora को संबोधित करते हुए उनके संघर्षों और जड़ों से जुड़े रहने के जज़्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा:

“आपके पूर्वजों ने जो कठिनाइयाँ झेली हैं, वे किसी के भी हौसले को तोड़ सकती थीं, लेकिन उन्होंने उम्मीद और मेहनत से इतिहास रचा।”

उन्होंने प्रवासी भारतीयों को “संस्कारों के रक्षक” बताते हुए कहा:

“वे गंगा-यमुना को छोड़ आए, पर रामायण को साथ लाए। वे अपनी धरती से दूर हैं, लेकिन अपनी संस्कृति से नहीं।”

25 साल पहले की यात्रा को किया याद, लारा से पुरन तक का ज़िक्र

PM मोदी ने अपनी 25 साल पुरानी Trinidad यात्रा को याद करते हुए क्रिकेटर ब्रायन लारा के शॉट्स की तारीफ की। उन्होंने कहा:

“आज सुनील नारायण और निकोलस पुरन जैसे खिलाड़ी वही उत्साह जगाते हैं, जो तब लारा किया करते थे।”

उन्होंने यह भी कहा कि तब से अब तक भारत-त्रिनिदाद दोस्ती और मजबूत हुई है।

राम मंदिर, सरयू जल और महाकुंभ की सौगात

प्रधानमंत्री मोदी अपने साथ अयोध्या में बने राम मंदिर की प्रतिकृति, सरयू नदी का पवित्र जल और महाकुंभ 2024 का तीर्थ जल लेकर आए। यह सौगात उन्होंने त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री को सौंपते हुए कहा:

“मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे इस जल को यहाँ की गंगा धारा में अर्पित करें। यह श्रद्धा और संस्कृति का संगम होगा।”

PM मोदी ने यह भी याद दिलाया कि त्रिनिदाद के लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए पवित्र जल और शिलाएं भेजी थीं — यह संबंध अब भी जीवित और प्रगाढ़ है।

Trinidad and Tobago Honour for Modi: बढ़ता वैश्विक सम्मान

यह यात्रा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि संस्कृति, श्रद्धा और भारत की सॉफ्ट पावर को प्रदर्शित करने वाली रही। नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना इस बात का प्रमाण है कि Indian Leadership को अब दुनिया नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।