उत्तराखंड में पांच महीने में 82 हजार से ज्यादा नाम राशन कार्ड सूची से हटे, जानिए जिलेवार आंकड़े

उत्तराखंड में पिछले पांच महीनों के दौरान 32 हजार से अधिक नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 मई से 7 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश में कुल 32,140 नए राशन कार्ड बनाए गए और 45,448 नए सदस्यों के नाम यानी यूनिट जोड़ी गईं। वहीं, इस अवधि में 20,784 राशन कार्ड और 82,137 यूनिट सूची से हटाई गईं।

खाद्य विभाग के नए ऑनलाइन पोर्टल के सुचारू रूप से काम नहीं करने और इसके कारण नए राशन कार्ड नहीं बनने की शिकायतों के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। विधानसभा में उठे सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत पुरानी व्यवस्था की जगह नया यूनिफाइड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (URCMS) लागू किया गया है। सॉफ्टवेयर बदलने और डेटा ट्रांसफर के कारण फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच काम प्रभावित हुआ था, लेकिन सरकार का कहना है कि मई से नई व्यवस्था पर राशन कार्ड बनाने का काम सुचारू रूप से चल रहा है।

विधानसभा में राशन कार्ड और आयुष्मान योजना का मुद्दा उठा

गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान विधायक उमेश कुमार ने खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य से सवाल किया था कि क्या नए पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने के कारण राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि राशन कार्ड नहीं बनने से कुछ लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने से वंचित रह सकते हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज का लाभ मिलने में परेशानी होने की आशंका है।

सरकार की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि फरवरी 2026 तक ऑनलाइन राशन कार्ड बनाने का काम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के RCMS सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जा रहा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत देशभर में एकीकृत सॉफ्टवेयर URCMS लागू करने का निर्णय लिया।

फरवरी से अप्रैल तक चला डेटा माइग्रेशन का काम

सरकार के अनुसार, उत्तराखंड में 26 फरवरी 2026 से पुराने सॉफ्टवेयर से नए URCMS पर डेटा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हुई। यह काम 30 अप्रैल 2026 तक चला। इस दौरान पुराने रिकॉर्ड नए सिस्टम में स्थानांतरित किए गए, यूजर आईडी बनाई गईं, अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार अधिकार दिए गए तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा नए सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी की गई।

सरकार का कहना है कि मई 2026 से नया सिस्टम विधिवत काम कर रहा है। अंत्योदय, प्राथमिक परिवार और राज्य खाद्य योजना के तहत नए राशन कार्ड जारी करने और परिवारों के सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। पांच महीने के आंकड़े इसी अवधि में हुई कार्रवाई को दर्शाते हैं।

मैदानी जिलों में हरिद्वार सबसे आगे

नए राशन कार्ड जारी करने के मामले में हरिद्वार जिला सबसे आगे रहा। यहां पांच महीनों में कुल 5,664 नए राशन कार्ड बनाए गए और 9,234 नई यूनिट जोड़ी गईं। इनमें अंत्योदय योजना के 407 कार्ड और 668 यूनिट, प्राथमिक परिवार योजना के 4,269 कार्ड और 7,157 यूनिट तथा राज्य खाद्य योजना के 988 कार्ड और 1,409 यूनिट शामिल हैं। इसी अवधि में जिले से 4,497 राशन कार्ड और 18,992 यूनिट हटाई गईं।

उधमसिंह नगर जिले में 5,283 नए राशन कार्ड जारी किए गए और 7,301 यूनिट जोड़ी गईं। इनमें प्राथमिक परिवार योजना के 2,653 कार्ड और 3,696 यूनिट तथा राज्य खाद्य योजना के 2,464 कार्ड और 3,364 यूनिट शामिल हैं। जिले में 1,801 राशन कार्ड और 7,310 यूनिट सूची से हटाई गईं।

देहरादून जिले में 4,566 नए राशन कार्ड बनाए गए और 6,206 यूनिट जोड़ी गईं। वहीं, सत्यापन और डेटा माइग्रेशन के दौरान 4,838 राशन कार्ड रद्द किए गए और रिकॉर्ड से 18,956 यूनिट हटाई गईं।

नैनीताल जिले में पांच महीने के दौरान 3,870 नए राशन कार्ड जारी हुए और 5,212 यूनिट जोड़ी गईं। यहां 886 राशन कार्ड और 3,957 यूनिट सूची से हटाई गईं।

पहाड़ी जिलों में भी जारी रहा राशन कार्ड बनाने का काम

पर्वतीय जिलों में भी नए पोर्टल के माध्यम से राशन कार्ड बनाने और सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रही। टिहरी गढ़वाल में 1,810 नए कार्ड बनाए गए और 2,604 यूनिट जोड़ी गईं, जबकि 976 कार्ड और 3,835 यूनिट हटाई गईं। चमोली में 1,790 नए कार्ड और 2,617 यूनिट जोड़ी गईं। यहां 781 कार्ड और 2,512 यूनिट सूची से हटाई गईं।

पौड़ी गढ़वाल में 1,762 नए राशन कार्ड जारी किए गए और 2,156 यूनिट जोड़ी गईं। दूसरी ओर, जिले में 3,914 कार्ड और 14,954 यूनिट हटाई गईं। चम्पावत में 1,664 नए कार्ड और 2,287 यूनिट जोड़ी गईं, जबकि 250 कार्ड और 832 यूनिट हटाई गईं।

पिथौरागढ़ जिले में 1,583 नए राशन कार्ड बनाए गए और 2,048 यूनिट जोड़ी गईं। यहां 1,027 कार्ड और 3,870 यूनिट सूची से हटाई गईं। रुद्रप्रयाग में 1,210 नए कार्ड और 1,720 यूनिट जोड़ी गईं, जबकि 861 कार्ड और 3,666 यूनिट हटाई गईं।

अल्मोड़ा में 1,177 नए राशन कार्ड जारी किए गए और 1,656 यूनिट जोड़ी गईं। यहां 123 कार्ड और 433 यूनिट हटाई गईं। उत्तरकाशी में 986 नए कार्ड और 1,397 यूनिट जोड़ी गईं, जबकि 363 कार्ड और 900 यूनिट हटाई गईं। बागेश्वर जिले में 775 नए कार्ड और 1,010 यूनिट जोड़ी गईं तथा 467 कार्ड और 1,920 यूनिट सूची से हटाई गईं।

सत्यापन के बाद हटाए गए कार्ड और नाम

विभाग के आंकड़े बताते हैं कि नए राशन कार्ड जारी करने के साथ-साथ पुराने रिकॉर्ड की छंटनी भी की गई। प्रदेशभर में 20,784 राशन कार्ड और 82,137 यूनिट हटाई गईं। हालांकि, सूची से नाम या कार्ड हटाए जाने के अलग-अलग कारणों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध आंकड़ों में नहीं दिया गया है।

नए पोर्टल को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार ने दावा किया है कि तकनीकी बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और राशन कार्ड बनाने का काम जारी है। वहीं, राशन कार्ड के अभाव में आयुष्मान कार्ड बनवाने में परेशानी होने की शिकायतों के मद्देनजर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था से पात्र परिवारों को समय पर दस्तावेज और योजनाओं का लाभ मिल पाता है या नहीं।