Opposition vs Government in Uttarakhand Assembly Session, who has more questions?
उत्तराखंड में 9 मार्च से शुरू होने जा रहा Gairsain Budget Session 2026 इस बार राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होने वाले इस Budget Session को लेकर Government और Opposition दोनों ने अपनी रणनीतियां लगभग अंतिम रूप दे दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि Question Hour के लिए तैयार सवालों की सूची में विपक्ष से अधिक संख्या सत्ता पक्ष के विधायकों की बताई जा रही है, जिससे सत्र की दिशा को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने सरकार के खिलाफ एक विस्तृत Charge Sheet तैयार की है। कांग्रेस का फोकस Rising Inflation, LPG Price Hike, Food Prices, Unemployment, Recruitment Scam और विभिन्न सरकारी भर्तियों में कथित Irregularities जैसे मुद्दों पर रहेगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने संकेत दिए हैं कि Rule 58 और Rule 310 के तहत गंभीर विषयों पर Immediate Discussion की मांग की जाएगी। उनका कहना है कि Youth Employment Crisis और भर्ती घोटालों ने प्रदेश के युवाओं को निराश किया है, और इन सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना होगा।
वहीं सत्तारूढ़ दल Bharatiya Janata Party के विधायकों की ओर से भी बड़ी संख्या में प्रश्न लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के 16 विधायकों ने प्रश्न भेजे हैं, जबकि भाजपा के 19 विधायक Question List में शामिल हैं। दो Independent MLAs ने भी अपने सवाल विधानसभा सचिवालय को सौंपे हैं।
8 मार्च को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में Session Agenda तय किया जाएगा। संभावना है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पहले ही दिन Budget Presentation हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य के इतिहास में दूसरी बार होगा जब Governor Address के दिन ही Budget पेश किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विपक्ष को हंगामे के बजाय Meaningful Discussion की सलाह दी है और कहा है कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बहस होनी चाहिए। दूसरी ओर विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचने की कोशिश हुई, तो Assembly में Protest और हंगामे की स्थिति बन सकती है।
कुल मिलाकर Gairsain Budget Session 2026 को लेकर Political Temperature पहले ही बढ़ चुका है। अब देखना होगा कि यह सत्र सार्थक बहस का मंच बनता है या फिर Government vs Opposition टकराव का अखाड़ा।