Online attacks on the rise in China; Indian businessman takes major decision regarding family's safety.
चीन में पिछले 21 वर्षों से रह रहे उत्तराखंड के Indian Entrepreneur Dev Raturi ने AI-Generated Videos और कथित Online Racist Campaign के बाद अपनी पत्नी और दो बेटों को भारत भेजने का फैसला किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें और चीन में रह रहे भारतीय समुदाय को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है।
पत्नी और बच्चों को भेजेंगे देहरादून
Xi’an शहर से बातचीत में देव रतूड़ी ने बताया कि उनके दोनों बेटों का दाखिला Dehradun के एक बोर्डिंग स्कूल में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह खुद चीन में रहकर अपना कारोबार संभालेंगे, लेकिन परिवार की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें भारत भेजने का फैसला किया है।
उनके मुताबिक, उन्हें व्यक्तिगत रूप से इन ऑनलाइन हमलों से डर नहीं है क्योंकि उन्होंने हमेशा स्थानीय कानूनों का पालन किया है और चीन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
Waiter से Restaurant Chain Owner बनने तक का सफर
देव रतूड़ी ने चीन में अपने करियर की शुरुआत एक भारतीय रेस्तरां में Waiter के रूप में की थी। बाद में उन्होंने Mandarin भाषा सीखी और अपना खुद का Indian Restaurant Business शुरू किया।
आज वह चीन के विभिन्न शहरों में आठ भारतीय रेस्तरां संचालित करते हैं। उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी को वर्ष 2023 में स्थानीय स्कूल के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया था। इसके अलावा उन्हें कुछ चीनी फिल्मों में अभिनय करने का भी अवसर मिला।
AI-Generated Videos के जरिए लगाए गए आरोप
देव रतूड़ी का आरोप है कि पिछले लगभग 20 दिनों से स्थानीय सोशल मीडिया पर AI-Generated Videos के जरिए उनके और भारतीय समुदाय के खिलाफ भ्रामक सामग्री साझा की जा रही है। इन पोस्टों में भारतीयों पर चीन के पर्यटन स्थलों को नुकसान पहुंचाने जैसे अपुष्ट आरोप लगाए जा रहे हैं और कुछ पोस्ट में भारतीयों से चीन छोड़ने की मांग भी की गई है।
कारोबारी ने आरोपों को बताया निराधार
देव रतूड़ी ने कहा कि उनके खिलाफ यह भी आरोप लगाया गया कि वह अपने रेस्तरां में केवल भारतीय कर्मचारियों को रखते हैं, सभी खाद्य सामग्री भारत से मंगाते हैं और टैक्स नहीं चुकाते।
उन्होंने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके आठ रेस्तरां में प्रत्येक में 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 60 प्रतिशत स्थानीय चीनी नागरिक हैं। कई कर्मचारी पिछले एक दशक से उनके साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी स्थानीय नियमों का पालन करते हैं और निर्धारित करों का नियमित भुगतान करते हैं।
चीनी कर्मचारी ने भी किया समर्थन
देव रतूड़ी के साथ वर्ष 2013 से अकाउंटेंट के रूप में काम कर रहीं उनकी चीनी सहयोगी Zhang Dan ने भी ऑनलाइन हमलों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि देव रतूड़ी ने हमेशा स्थानीय कानूनों का सम्मान किया है और चीन की अर्थव्यवस्था तथा समाज में सकारात्मक योगदान दिया है।
पुलिस से की शिकायत
देव रतूड़ी ने बताया कि उन्होंने कथित नस्लीय टिप्पणियों और ऑनलाइन अभियान की शिकायत स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों से की है। उनके अनुसार अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।