NEET Protest: Sonam Wangchuk ने सरकार को दी चेतावनी, बोले- ‘Bangladesh-Nepal जैसे हालात नहीं चाहता’

NEET Protest और Exam Paper Leak विवाद के बीच पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने केंद्र सरकार को गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि छात्रों की शांतिपूर्ण आवाज को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो युवाओं का लोकतंत्र और अहिंसक आंदोलनों से भरोसा उठ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह भारत में Bangladesh और Nepal जैसे हालात नहीं देखना चाहते।

Jantar Mantar पर जारी है Hunger Strike

दिल्ली के Jantar Mantar में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में Sonam Wangchuk अनिश्चितकालीन Hunger Strike पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन NEET Paper Leak, अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का Blood Sugar Level काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

“लोकतंत्र से युवाओं का भरोसा नहीं टूटना चाहिए”

वांगचुक ने कहा कि उनका रास्ता हमेशा Truth, Non-Violence और न्याय का रहा है। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा रहना नहीं चाहता, लेकिन जब परिस्थितियां मजबूर कर दें तो शांतिपूर्ण विरोध जरूरी हो जाता है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार शांतिपूर्ण आंदोलनों की अनदेखी करती रही और जिम्मेदारी तय नहीं की गई, तो युवाओं का लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास कमजोर पड़ सकता है। यही स्थिति भविष्य में गंभीर सामाजिक असंतोष को जन्म दे सकती है।

Education System में सुधार की मांग

Education Crisis पर चिंता जताते हुए वांगचुक ने कहा कि लगातार सामने आ रहे Paper Leak मामलों और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने मानसिक दबाव और परीक्षा विवादों के कारण अपनी जान गंवाई है, जो बेहद चिंताजनक है।

उनके अनुसार केवल किसी एक मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं होगा। संसद के आगामी सत्र में Education Reforms पर व्यापक कानून और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तो Viksit Bharat 2047 का लक्ष्य भी अधूरा रह जाएगा।

“शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी”

वांगचुक ने कहा कि फिलहाल Jantar Mantar Protest पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, जहां स्वयंसेवक व्यवस्था संभाल रहे हैं और प्रदर्शनकारी अहिंसक तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि वह शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान दे और लोगों की बात सुने। उनका कहना है कि यदि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाजों को लगातार अनसुना किया गया, तो समाज में गलत संदेश जाएगा कि शांतिपूर्ण आंदोलन प्रभावी नहीं होते। उन्होंने दोहराया कि वह भारत में Bangladesh और Nepal जैसी अस्थिर स्थिति बिल्कुल नहीं देखना चाहते।