Why is Rahul Gandhi silent on the Maulana's threat? CM Dhami asks the Leader of the Opposition a tough question.
Uttarakhand News: उत्तराखंड के रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकेत दिए हैं कि आरोपी के खिलाफ मौजूदा धाराओं के अलावा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर अराजकता और दंगा फैलाने की कोशिश की और कानून के तहत उसके खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई की जा सकती है, इस पर चर्चा चल रही है।
‘राष्ट्रद्रोह जैसी धाराओं पर भी बातचीत’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आरोपी के कथित बयान को गंभीर बताते हुए कहा कि उसके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा और पुराने इतिहास का हवाला देकर लोगों के बीच अराजकता और फसाद फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ Strict Legal Action की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
धामी के मुताबिक, राष्ट्रद्रोह जैसी धाराएं लागू किए जाने की संभावना पर भी अधिकारियों के साथ बातचीत हो रही है। हालांकि किसी मामले में कौन-सी धाराएं लगेंगी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और लागू कानूनों के आधार पर संबंधित पुलिस एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
अवैध मदरसों पर भी CM धामी का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने राज्य में Illegal Madrasas को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जिन मदरसों को राज्य के शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम की मान्यता नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ऐसे संस्थानों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
धामी ने कहा कि सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान जारी रखेगी। उनके मुताबिक अब तक करीब 13 हजार एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासन आगे भी कानून के अनुसार कार्रवाई करता रहेगा।
‘धमकी देने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई’
इससे पहले मुख्यमंत्री धामी ने कहा था कि उनकी सरकार Appeasement Politics में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी सोच के आधार पर लोगों को धमकी देने वालों के खिलाफ कानून के दायरे में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में Rule of Law सर्वोपरि है और किसी को भी कानून व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्या था मौलवी का कथित बयान?
मामला उस समय चर्चा में आया जब 26 अगस्त को बारावफात जुलूस से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वायरल वीडियो में रुद्रपुर के त्रिशूल चौक के पास एक खुले वाहन में बैठे मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद द्वारा कथित तौर पर मदरसों को लेकर भड़काऊ बयान दिए जाने का दावा किया गया।
वीडियो में मौलाना को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि यदि मदरसों को बंद किया गया तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। उन्होंने यह भी कथित तौर पर कहा कि अभी चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि हमेशा चुप रहेंगे और जब उनका वक्त आएगा तो सामने वालों को ‘भागने की जगह’ नहीं मिलेगी।
हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कथित बयान के वास्तविक संदर्भ का निर्धारण जांच का विषय है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने शुरुआत में आरोपी मौलाना के खिलाफ BNS Section 196(2) के तहत मामला दर्ज किया था। विवेचना आगे बढ़ने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 152(2) भी जोड़ी गई।
पुलिस ने मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। वह ऊधम सिंह नगर के खेड़ा मदरसे का प्रधानाचार्य बताया जा रहा है और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र के पर्वतपुर का रहने वाला है।
अब मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद इस मामले में आगे और कौन-सी कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है। पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आरोपी के खिलाफ धाराओं को लेकर अगला कदम स्पष्ट होगा।