Major announcement by farmers: 'Tractor Tiranga Rally' in Uttarakhand on August 21; find out why the farmers are upset.
उत्तराखंड में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर Farmers Protest का ऐलान किया गया है। हरिद्वार जिले के मंगलौर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा के बाद सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तय की गई। किसान संगठन ने घोषणा की है कि 21 अगस्त 2026 को प्रदेशभर में Tractor Tiranga Rally निकाली जाएगी। इसके बाद मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
मंगलौर की गुड़ मंडी में हुई बैठक में Smart Meter, Solar Subsidy, Fertilizer Shortage और Rising Farming Cost जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों और बढ़ती महंगाई के कारण खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों में नाराजगी
भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने किसानों के घरों में Smart Electricity Meters लगाए जाने को लेकर विरोध जताया। भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहा जाता है, इसके बावजूद किसानों पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है।
किसान संगठन का कहना है कि बिजली और खेती से जुड़े खर्च पहले ही किसानों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर को लेकर किसानों के बीच असंतोष और बढ़ रहा है।
Solar Subsidy खत्म होने और खाद संकट पर भी सवाल
बैठक में Solar Subsidy समाप्त किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। किसान नेताओं का कहना है कि सौर ऊर्जा से जुड़े प्रोत्साहन कम होने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
इसके अलावा किसानों ने Fertilizer Shortage को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित होती है। वहीं डीजल, बिजली, बीज, खाद और अन्य कृषि संसाधनों की कीमत बढ़ने से Cost of Farming लगातार बढ़ रही है।
21 अगस्त को Tractor Tiranga Rally का ऐलान
भाकियू टिकैत ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने का फैसला किया है। संगठन के मुताबिक 21 अगस्त को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में Tractor Tiranga Rally निकाली जाएगी।
किसान नेताओं ने कहा कि यह रैली किसानों की मांगों और समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने के लिए आयोजित की जाएगी। इसके बाद मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर किसान Indefinite Protest शुरू करेंगे।
‘आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं’
बैठक में भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार की नीतियों से किसान आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और खेती की लागत ने किसानों के सामने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि किसानों के सामने अब आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। संगठन ने सरकार से किसानों की मांगों पर तत्काल विचार करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।