Madhya Pradesh Hospital Deaths: There was no doctor, still he performed 15 heart surgeries!
मध्य प्रदेश के अस्पताल में ‘फर्जी’ डॉक्टर का भंडाफोड़: 15 Heart Surgeries, 2 मौतें, NHRC जांच में जुटी
Damoh (Madhya Pradesh) – मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक reputed private hospital, Mission Hospital, में सामने आया एक चौंकाने वाला मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की जांच का विषय बन चुका है। जानकारी के अनुसार, एक शख्स ने London-based renowned cardiologist Dr. John Camm के नाम का दुरुपयोग कर खुद को हार्ट सर्जन बताकर 15 Heart Surgeries कर डालीं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अस्पताल में इलाज के दौरान हुई कई मौतों की वजह से यह मामला उजागर हुआ।
आरोपी बना UK Doctor का हमशक्ल, अब तक फरार
आरोपी की पहचान नरेंद्र यादव के रूप में हुई है, जिसने खुद को UK Cardiologist N John Camm बताकर पेश किया और मरीजों का भरोसा जीतकर सर्जरी की। शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार है।
फरवरी में NHRC को दी गई शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया कि नरेंद्र यादव ने मशहूर डॉक्टर के नाम का इस्तेमाल कर मरीजों को mislead किया और घातक इलाज किए।
अब तक 2 मौतों की पुष्टि, जांच के लिए बनी Special Team
Chief Medical and Health Officer (CMHO) डॉ. मुकेश जैन और District Health Officer (DHO) डॉ. विक्रम चौहान ने अब तक 2 मरीजों की मौत की पुष्टि की है जो कथित तौर पर गलत इलाज की वजह से हुईं।
Damoh Collector सुधीर कोचर ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम बनाई गई है और रिपोर्ट आने तक कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
परिवारों में आक्रोश, किसी ने नहीं दी जानकारी
63 वर्षीय रईसा को 13 जनवरी को हार्ट अटैक के बाद मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 जनवरी को उनकी Angiography हुई और 16 जनवरी को Angioplasty। इस दौरान उन्हें एक और बड़ा दिल का दौरा पड़ा और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
‘Gas की परेशानी लेकर गए थे, Heart Surgery करके लौटा शव’
ऐसा ही एक और दर्दनाक मामला पतेरा के जितेंद्र सिंह का है, जिनके पिता मंगल सिंह को 4 फरवरी को गैस की समस्या के चलते अस्पताल ले जाया गया था। वहाँ उनका Angiography किया गया और हार्ट सर्जरी की सलाह दी गई।
“सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत हो गई,” जितेंद्र सिंह ने बताया। “डॉक्टर्स पहले भी मौजूद नहीं थे, और बाद में भी नहीं मिले। हमें ₹8000 का Injection खरीदने को कहा, लेकिन वो लगाया ही नहीं गया।”
NHRC Team करेगी जांच, 7 से 9 अप्रैल के बीच दौरा
NHRC सदस्य प्रियंक कणोंगो ने जानकारी दी कि आयोग की एक टीम 7 से 9 अप्रैल के बीच दमोह का दौरा करेगी। टीम अस्पताल, उसमें कार्यरत कर्मियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूछताछ करेगी और संस्थान की गहन जांच करेगी।