Khajuri Khas Police's unique routine: Jumping, bouncing and scaling walls
उत्तर प्रदेश के खजूरी खास थाना क्षेत्र में पिछले सात महीनों से एक असाधारण परिस्थिति बनी हुई है, जिसने वहां के पुलिसकर्मियों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। यहाँ के पुलिस अधिकारी जूते उतारकर हाथ में लेकर, गंदे पानी से भरे रास्तों पर चलने के बजाय 10-15 फुट ऊँची दीवारें चढ़ने को मजबूर हैं। यह कोई धार्मिक रस्म या अंधविश्वास नहीं, बल्कि लगातार घुटनों तक पानी भरने की समस्या का नतीजा है।
पानी से भरे रास्ते: खजूरी खास का नया चेहरा
राष्ट्रीय राजमार्ग 709बी के पास स्थित इस इलाके में भारी बारिश और खराब सीवेज की वजह से जलभराव हो गया है। पुलिसकर्मी अपनी बाइक और वाहन वहीं खड़ी कर, थाने तक पहुँचने के लिए पैदल रास्ते पर चलने के बजाय दीवार फांदना पड़ता है क्योंकि थाने के दोनों मुख्य द्वारों तक पहुंचना असंभव हो गया है।
पुलिसकर्मियों की मुश्किलें
हाल ही में भर्ती हुए एक कांस्टेबल ने बताया कि पिछले दो महीनों से वे थाने तक सामान्य पैदल मार्ग से नहीं पहुंच पाते। केवल उन अधिकारियों के लिए थाने तक आना संभव है जिनके वाहन की ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा है। बाकी सभी को दीवार चढ़कर थाने में जाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों की परेशानी
खजूरी खास की रहने वाली सुनीता सिंह बताती हैं कि यह समस्या लगभग आठ से नौ महीने से जारी है। उनके बच्चे पास के सरकारी स्कूल जाते हैं, लेकिन पानी के कारण बच्चों का गिरना-फिसलना आम बात हो गई है, जिससे वे संक्रमण और त्वचा की बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है।
सरकार की कोशिशें और परिणाम
स्थानीय प्रशासन ने पानी पंपिंग के लिए मशीनें भेजी हैं, लेकिन इससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जलभराव ने न केवल पुलिस कर्मियों के कामकाज को प्रभावित किया है, बल्कि इलाके के लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाला है।