आर्थिक संकट में Maldives को India का बड़ा सहारा, 30 अरब रुपये की मदद क्यों अहम?

India Maldives relations एक बार फिर मजबूत होते दिख रहे हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे मालदीव को राहत देने के लिए भारत ने financial aid के तौर पर लगभग 30 अरब रुपये की पहली किश्त जारी करने को मंजूरी दे दी है। यह सहायता currency swap facility के तहत दी जा रही है, जिसे Reserve Bank of India (RBI) और मालदीव सरकार के बीच लागू किया गया है।

 Currency Swap के जरिए राहत

माले स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह फंडिंग मालदीव की financial stability बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यह मदद SAARC currency swap framework के तहत दी जा रही है, जो सदस्य देशों को जरूरत पड़ने पर तुरंत foreign currency liquidity उपलब्ध कराता है।

 Muizzu Government के लिए राहत

यह समझौता अक्टूबर 2024 में मालदीव के राष्ट्रपति Mohamed Muizzu की भारत यात्रा के दौरान finalized हुआ था। इससे पहले भी मालदीव इस framework के तहत करीब 400 मिलियन डॉलर की राशि का उपयोग कर चुका है।

वर्तमान में Muizzu government आर्थिक दबाव का सामना कर रही है, जहां foreign exchange reserves तेजी से घट रहे हैं और बढ़ते कर्ज के कारण सरकार पर दबाव बना हुआ है।

 Economic Crisis के पीछे कारण

मालदीव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से tourism industry और आयात पर निर्भर है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और सीमित राजस्व स्रोतों के चलते देश की स्थिति कमजोर हुई है। economic crisis के कारण सरकार को बार-बार बाहरी सहायता की जरूरत पड़ रही है।

भारत की यह मदद न सिर्फ तात्कालिक राहत देती है, बल्कि आने वाले समय में आर्थिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगी।

 India बना भरोसेमंद Partner

भारत लंबे समय से मालदीव का एक भरोसेमंद strategic partner रहा है। 2012 में SAARC currency swap framework शुरू होने के बाद से भारत अब तक मालदीव को 1.1 अरब डॉलर से अधिक की financial assistance दे चुका है।

इसके अलावा, भारत ने पिछले वर्ष मालदीव के अनुरोध पर 100 मिलियन डॉलर के treasury bills को भी रोलओवर किया था, जिससे देश के तत्काल वित्तीय दबाव को कम करने में मदद मिली।

क्या है SAARC Currency Swap Framework?

SAARC currency swap framework एक ऐसा तंत्र है, जो दक्षिण एशियाई देशों को आपातकालीन स्थिति में short-term liquidity support प्रदान करता है। यह खासतौर पर उन देशों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां balance of payments crisis या आयात-निर्यात से जुड़े दबाव उत्पन्न होते हैं।

मालदीव जैसे छोटे द्वीपीय देशों के लिए, जो बाहरी संसाधनों पर निर्भर हैं, यह framework आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में एक अहम भूमिका निभाता है।

कुल मिलाकर, India Maldives financial aid इस बात का संकेत है कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। currency swap agreement के जरिए दी गई यह मदद न केवल मालदीव के लिए राहत है, बल्कि India’s strategic influence in South Asia को भी मजबूत करती है। आने वाले समय में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।