In the Manasa Devi accident, 'MLA' hero emerged, saving four lives from death
हरिद्वार के Manasa Devi Temple Stampede में जहां कई लोग घायल हुए, वहीं एक शख्स ऐसा भी था जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर चार श्रद्धालुओं की जान बचा ली। ये शख्स कोई नेता या सरकारी अधिकारी नहीं बल्कि एक स्थानीय दुकानदार था, जिसे लोग प्यार से ‘विधायक’ कहते हैं।
Ankit, जो मनसा देवी मंदिर के पास एक दुकान में काम करता है, हादसे के वक्त मौके पर मौजूद था। जैसे ही भीड़ बेकाबू हुई और stampede की स्थिति बनी, अंकित ने तेजी से प्रतिक्रिया दी। उसने कुछ महिलाओं और बच्चों को अपनी दुकान के भीतर खींच लिया और बाहर की भगदड़ से उनकी जान बचा ली।
क्यों कहते हैं ‘विधायक’?
अंकित को ‘विधायक’ कहना लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है, हालांकि वह वास्तव में कोई MLA नहीं है। उसकी सक्रियता, मदद करने की आदत और इलाके में उसकी पहचान इतनी मजबूत है कि लोग उसे respectfully ‘Vidhayak’ कहकर बुलाते हैं। इस घटना के बाद अब लोग उसे hero of Mansa Devi Stampede कहने लगे हैं।
कैसे बचाईं चार जिंदगियां?
अंकित ने खुद बताया कि “मैं दुकान में सामान सजा रहा था, तभी शोर सुनाई दिया। बाहर देखा तो भीड़ एक-दूसरे पर गिर रही थी।”
तुरंत उसने चार श्रद्धालुओं—महिलाएं और बच्चे—को दुकान के भीतर खींचा और दरवाजा बंद कर दिया। अंदर पहुंचकर किसी को पानी पिलाया, किसी को सांस दिलाई, और किसी को संभाला।
अगर वह वक्त रहते यह कदम नहीं उठाता, तो जानें जाना तय था।
जनता कह रही – “यही है असली विधायक”
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर अंकित को लेकर तारीफों का सैलाब आ गया है। लोग कह रहे हैं –
“विधायक वो नहीं जो कुर्सी पर बैठा है, विधायक वो है जो भीड़ में खड़ा होकर आपकी जान बचाए।”