How much work has been done on the Dhami government's announcements? Check out the full figures.
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की गई घोषणाओं की संख्या 4,600 के पार पहुंच गई है। बागेश्वर में बाल विज्ञान महोत्सव और हल्द्वानी में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन के दौरान की गई नई घोषणाओं के बाद यह आंकड़ा और बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, धामी की घोषणाओं में बड़ी संख्या में काम पूरे हो चुके हैं, जबकि कई पर अभी भी कार्रवाई जारी है। राज्य के गठन के बाद से अब तक अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में की गई घोषणाओं और उन पर हुए अमल के आंकड़े भी चर्चा में हैं।
धामी सरकार की घोषणाओं पर कितना काम हुआ?
सितंबर 2026 में सामने आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उस समय तक 4,611 घोषणाएं की थीं। इनमें से 2,852 घोषणाएं पूरी हो चुकी थीं, जबकि 1,397 पर विभिन्न स्तरों पर काम जारी था। वहीं, 303 घोषणाएं लंबित बताई गई थीं। इन आंकड़ों के आधार पर करीब 61.9 प्रतिशत घोषणाएं पूरी हो चुकी थीं।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय पर पूरा कराने के लिए मुख्य सचिव और संबंधित विभागों को समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि घोषणाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीन पर उतारने पर जोर दिया जा रहा है।
बीसी खंडूड़ी के दूसरे कार्यकाल में सभी घोषणाओं पर कार्रवाई
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के दूसरे कार्यकाल का आंकड़ा अलग नजर आता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 के बीच उन्होंने 33 घोषणाएं की थीं और इन सभी पर कार्रवाई दर्ज की गई थी। इस तरह उस कार्यकाल में घोषणाओं पर कार्रवाई का अनुपात 100 प्रतिशत रहा। हालांकि, घोषणाओं की कुल संख्या कम होने के कारण इसकी तुलना कई वर्षों तक चले मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल से सीधे करना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं पर RTI आधारित रिपोर्ट देखें
त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में 2,063 घोषणाएं पूरी
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 से 9 मार्च 2021 तक के कार्यकाल में 2,406 घोषणाएं की थीं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 2,063 घोषणाओं पर कार्रवाई हुई। यह कुल घोषणाओं का लगभग 85.7 प्रतिशत है। उनके कार्यकाल के आंकड़े भी राज्य में मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की चर्चा में शामिल किए जाते हैं।
कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में घोषणाओं की स्थिति
कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरीश रावत ने फरवरी 2014 में सत्ता संभालने के बाद कुल 3,814 घोषणाएं की थीं। इनमें से 2,201 पूरी हुईं, जो करीब 57.7 प्रतिशत हैं। वहीं, विजय बहुगुणा के कार्यकाल में 1,348 घोषणाओं में से लगभग 680 पूरी होने का आंकड़ा दिया गया है। राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने 895 घोषणाएं की थीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से लगभग 311 से 312 घोषणाएं पूरी हुईं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में मामूली अंतर दिखाई देता है, इसलिए इनकी तुलना करते समय मूल सरकारी रिकॉर्ड देखना जरूरी है।
उत्तराखंड के अन्य मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं का रिकॉर्ड
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 1,140 घोषणाएं की थीं, जिनमें से लगभग 450 पर अमल हुआ। बीसी खंडूड़ी के पहले कार्यकाल में 584 घोषणाओं में से 303 पूरी हुईं। तीरथ सिंह रावत के छोटे कार्यकाल में 183 घोषणाएं की गईं, जिनमें से 90 पूरी होने की जानकारी दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के कार्यकाल में 11 घोषणाएं दर्ज की गई थीं, जबकि पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी के कार्यकाल की 33 घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर उपलब्ध रिपोर्ट में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
घोषणाओं की संख्या के साथ अमल भी अहम
उत्तराखंड में मुख्यमंत्रियों के इन आंकड़ों से पता चलता है कि अलग-अलग कार्यकाल में घोषणाओं की संख्या और उन पर कार्रवाई का अनुपात अलग रहा है। हालांकि, केवल पूरी हुई घोषणाओं की संख्या से किसी सरकार के समग्र प्रदर्शन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए योजनाओं की लागत, लाभार्थियों की संख्या, काम पूरा होने में लगा समय और जनता को मिले वास्तविक लाभ जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उनकी सरकार जनहित में की गई घोषणाओं को पूरा करने पर जोर देती है। अब यह देखना अहम होगा कि वर्तमान में जारी और लंबित घोषणाओं में से कितनी तय समयसीमा में पूरी होती हैं।