Student Protest के बाद सरकार का बड़ा प्लान, संसद से सड़क तक पलटवार की तैयारी

CJP Protest और Student Protest के बीच केंद्र सरकार अब पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। पिछले तीन दिनों से राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों के बाद सरकार ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने NDA Parliamentary Party Meeting में स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

तीन दिनों की घटनाओं पर सरकार की रही नजर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर से लेकर संसद परिसर और प्रधानमंत्री आवास तक हुए विरोध प्रदर्शनों पर लगातार नजर रखी गई। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और हालात नियंत्रण में बने रहें। इसके साथ ही युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की कोशिश भी की गई।

विपक्ष की भूमिका पर सरकार की नजर

सूत्रों का कहना है कि सरकार का आकलन है कि पिछले कुछ दिनों में कई विपक्षी दलों ने आंदोलन के साथ खुद को जोड़ने की कोशिश की। सरकार का दावा है कि विभिन्न राजनीतिक दल आंदोलन के जरिए राजनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

सत्तापक्ष के नेताओं का मानना है कि जहां सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इसी वजह से अब सरकार संसद और सार्वजनिक मंचों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रही है।

Parliament Session में हंगामे के आसार

सूत्रों के मुताबिक, Parliament Session के दौरान इस मुद्दे पर हंगामा जारी रह सकता है। सरकार का कहना है कि उसने संसद में इस विषय पर चर्चा कराने की इच्छा जताई थी, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। अब सत्तापक्ष विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है।

बातचीत के जरिए समाधान पर जोर

सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता टकराव नहीं बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है। इसी को ध्यान में रखते हुए संसद परिसर और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे केंद्रीय बलों और दिल्ली पुलिस को भी संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि संसद की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी होती है तो सरकार का मुख्य उद्देश्य चर्चा के जरिए समाधान तलाशना ही रहेगा।

अमित शाह कर रहे हालात की निगरानी

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रही है, जिसमें आंदोलन का स्वरूप, विपक्ष की भूमिका और कानून-व्यवस्था की स्थिति शामिल है।

सरकार का कहना है कि प्रदर्शन से निपटने में बल प्रयोग प्राथमिक विकल्प नहीं होगा। हालांकि, यदि किसी तरह की असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।