Ganga Expressway Extension: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे Ganga Expressway को अब धर्मनगरी हरिद्वार से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच MoU (Memorandum of Understanding) भी साइन हो चुका है। इस विस्तार के बाद हरिद्वार और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।
146 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन से जुड़ेगा हरिद्वार
गंगा एक्सप्रेसवे के करीब 146 किलोमीटर लंबे Extension Project के जरिए इसे हरिद्वार तक पहुंचाया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। MOU में एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़े दोनों राज्यों के दायित्वों को भी निर्धारित किया गया है।
इस परियोजना की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की होगी। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण का सीधा वित्तीय भार उत्तराखंड सरकार पर नहीं पड़ेगा।
भूमि अधिग्रहण में उत्तराखंड करेगा मदद
समझौते के अनुसार, उत्तराखंड सरकार परियोजना के लिए जरूरी Land Acquisition और Utility Shifting में सहयोग करेगी। वहीं एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रमुख दायित्व उत्तर प्रदेश की संबंधित एजेंसी संभालेगी।
दोनों राज्यों के बीच इस परियोजना को लेकर पहले ही सहमति बन चुकी थी। अब MoU के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
हरिद्वार से प्रयागराज पहुंचने में लगेंगे करीब 8-9 घंटे
Haridwar-Prayagraj Connectivity के लिहाज से यह प्रोजेक्ट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार के बाद दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय घटकर लगभग 8 से 9 घंटे रह सकता है।
प्रस्तावित रूट उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में चांदपुर तहसील की ओर से प्रवेश करेगा। इसके बाद यह नजीबाबाद तहसील के कासमपुर गांव से होते हुए आगे बढ़ेगा और गंगा नदी को पार करने के बाद हरिद्वार में प्रवेश करेगा।
निर्माण शुरू होने से पहले पूरा होगा भूमि अधिग्रहण
परियोजना के निर्माण से पहले Land Acquisition Process पूरी की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन पहले के मुकाबले अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकता है।
यह प्रोजेक्ट केवल सड़क यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा दे सकता है।
Religious Tourism और Business को मिलेगा बढ़ावा
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए हरिद्वार की सीधी कनेक्टिविटी प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों से बेहतर होने पर Religious Tourism को फायदा मिलने की उम्मीद है।
बेहतर Road Connectivity से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। इसके साथ ही Industrial Investment, Business Opportunities और Employment Generation को भी बढ़ावा मिल सकता है।
उत्तर भारत में मजबूत होगी Road Connectivity
गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार उत्तर भारत के Road Network को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हो सकता है। इससे उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश के साथ बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और हरिद्वार को पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा प्रयागराज से सीधा सड़क संपर्क हासिल होगा।
भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद परियोजना का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड में Tourism, Trade और Investment को नई गति देने वाला प्रमुख Infrastructure Project बन सकता है।