From foreign funding to forest scam, ED's action causes uproar
Enforcement Directorate (ED) ने तीन अलग-अलग राज्यों में मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े High Profile Cases में बड़ी कार्रवाई की है। ये तीनों केस – धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग से जुड़ा छांगुर बाबा मामला, कर्नाटक का डबल मुआवजा घोटाला और उत्तराखंड के Corbett Tiger Reserve Corruption – न सिर्फ शासन व्यवस्था की पोल खोलते हैं, बल्कि समाज और पर्यावरण से जुड़े गंभीर पहलुओं की ओर भी इशारा करते हैं।
1. Changur Baba Case: धर्मांतरण रैकेट और ₹106 करोड़ की विदेशी फंडिंग
Changur Baba (aka Jamaluddin / Karimulla Shah) के खिलाफ ED ने Money Laundering Investigation शुरू की है। लखनऊ ATS की रिपोर्ट के मुताबिक, छांगुर बाबा ने धार्मिक पुस्तकों, Shijra-e-Tayyaba और कथित चमत्कारों के ज़रिए Forced Religious Conversion का नेटवर्क खड़ा किया था।
ATS ने 5 जुलाई को छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को लखनऊ के होटल से गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि 40 से अधिक बैंक खातों में ₹106 करोड़ जमा हैं, जिसमें ज्यादातर पैसा Middle East Funding के जरिए आया।
बाबा ने बहराइच-बालरामपुर इलाके में बिना अनुमति के ₹100 करोड़ की Benami Property बनाई, जिन पर बुलडोजर चला दिया गया।
ED ने बैंक ट्रांजैक्शन्स, संपत्तियों और कंपनियों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है।
2. Karnataka Double Compensation Scam: 13 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच
Karnataka Industrial Area Development Board (KIADB) में हुए डबल मुआवजा घोटाले में ED ने एक और गिरफ्तारी की है। Ravi Yallappa Kurbat को गिरफ्तार किया गया, जो पूर्व भूमि अधिग्रहण अधिकारी VD Sajan के साथ मिलकर इस घोटाले में शामिल था।
एक ही ज़मीन पर दो बार मुआवजा लिया गया, कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भुगतान लिया गया।
Ravi Kurbat ने घोटाले से मिले पैसे से Real Estate Investment किया, जो अब ED ने जब्त कर लिया।
अब तक ₹13 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है, और 22 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है।
अदालत ने ट्रायल शुरू कर दिया है और Money Trail Investigation जारी है।
3. Corbett Tiger Reserve Scam: पूर्व वन अधिकारियों की ₹1.75 करोड़ की संपत्ति जब्त
Dehradun ED Office ने उत्तराखंड में Corbett Park Scam में बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व DFO Kishanchand और पूर्व Ranger Brij Bihari Sharma के खिलाफ ₹1.75 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त की गई।
ये संपत्तियां हरिद्वार (उत्तराखंड) और बिजनौर (यूपी) में स्थित हैं।
इन अधिकारियों ने Illegal Construction in Corbett Reserve कर पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ एक्ट के उल्लंघन पर विजिलेंस ने केस दर्ज किया था।
इन घोटालों से अर्जित धन को इन्होंने अपने परिवार – पत्नी राजलक्ष्मी शर्मा, बेटे अभिषेक और युगेंद्र – के नाम पर निवेश किया।