Energy Crisis India: 60% LPG Import पर निर्भर देश को कैसे मिलेगी राहत?

भारत में जारी LPG Crisis के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। LPG carrier ship ‘Shivalik’ सुरक्षित रूप से Mundra Port पहुंच चुका है, जिससे gas supply में सुधार की उम्मीद जगी है।

इसके अलावा, एक और LPG जहाज ‘Nanda Devi’ 17 मार्च को Kandla Port पहुंचने वाला है, जिससे आने वाले दिनों में LPG availability बेहतर हो सकती है।

कितना LPG लेकर आया ‘Shivalik’?

‘Shivalik’ जहाज करीब 46,000 metric tonnes LPG लेकर भारत पहुंचा है

इसमें से:

20,000 MT LPG मुंद्रा पोर्ट पर उतारी जाएगी

26,000 MT LPG Mangaluru भेजी जाएगी

यह खेप Indian Oil Corporation Limited (IOCL) के लिए मंगाई गई है

क्यों आया LPG Crisis?

इस Energy Crisis की मुख्य वजह Strait of Hormuz पर बढ़ा तनाव है।

Iran और United States-Israel के बीच टकराव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर रोक

कई oil & gas carrier ships रास्ते में फंसे

यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20% oil supply के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत कितना निर्भर है Import पर?

भारत की energy dependency काफी ज्यादा है:

88% Crude Oil Import

50% Natural Gas Import

60% LPG Import

इसमें से बड़ा हिस्सा Saudi Arabia और United Arab Emirates जैसे देशों से आता है।

कितने भारतीय जहाज फंसे थे?

पश्चिमी फारस की खाड़ी में 22 Indian ships फंसे

इनमें 611 Indian sailors सवार थे

भारत अपने 3 जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफल रहा

सरकार के बड़े कदम (Government Action)

सरकार ने संकट से निपटने के लिए कई emergency measures उठाए हैं:

1. Domestic Production बढ़ाया

पिछले 15 दिनों में LPG production 36% बढ़ा

2. PNG को बढ़ावा

लोगों को Piped Natural Gas (PNG) अपनाने की सलाह

3. Anti-Hoarding Action

Uttar Pradesh में:

4,816 जगहों पर छापेमारी

10 गिरफ्तारियां

60 FIR दर्ज

आम जनता और Business पर असर

इस LPG shortage का असर हर स्तर पर दिख रहा है:

Restaurants & Hotels में काम प्रभावित

घरों में gas cylinder delivery delay

booking centers पर लंबी कतारें

ग्राहकों में uncertainty और panic

हालांकि, सरकार का कहना है कि रोजाना लगभग 50 लाख LPG cylinders delivery की जा रही है और supply chain को stabilize करने की कोशिश जारी है।

क्या जल्द खत्म होगा LPG Crisis?

‘Shivalik’ और ‘Nanda Devi’ जैसे जहाजों के पहुंचने से short-term relief मिलने की उम्मीद है।

लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक global geopolitical tension कम नहीं होता और Strait of Hormuz पूरी तरह खुल नहीं जाता, तब तक LPG crisis पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है।