Electric vehicles set for a major boost; Rekha Gupta ends suspense over EV policy.
दिल्ली सरकार ने नई EV Policy के जरिए राजधानी में Electric Vehicle को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार का लक्ष्य प्रदूषण कम करने के साथ-साथ लोगों के लिए EV खरीदना और इस्तेमाल करना आसान बनाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई नीति में EV Subsidy, Charging Infrastructure, Battery Swapping, Smart Registration और EV Charging Meter जैसी कई सुविधाओं को शामिल किया गया है।
बैंक खाते में सीधे मिलेगी EV Subsidy
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति के तहत पात्र खरीदारों को EV Subsidy सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सब्सिडी सही लाभार्थियों तक समय पर पहुंचेगी।
चार साल में बनेंगे 32,000 EV Charging Points
दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में राजधानी में 32,000 Charging Points विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए Single Window System लागू किया जाएगा, ताकि Charging Station लगाने वालों को अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की जरूरत न पड़े।
घर के पास मिलेगी EV Charging की सुविधा
सरकार का प्रयास है कि लोगों को घर के आसपास ही EV Charging Station उपलब्ध हो। इसके लिए RWA के सहयोग से सार्वजनिक Charging Point विकसित किए जाएंगे, खासकर उन इलाकों में जहां निजी पार्किंग की सुविधा नहीं है।
EV Charging Meter लगवाना होगा आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि EV Meter के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऑनलाइन आवेदन के बाद बिजली कंपनियां तय समय सीमा में प्राथमिकता के आधार पर नया मीटर उपलब्ध कराएंगी।
EV को पहली पसंद बनाना सरकार का लक्ष्य
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार चाहती है कि Electric Vehicle केवल दूसरी गाड़ी न रह जाए, बल्कि लोगों की पहली पसंद बने। इसके लिए Charging Network मजबूत किया जाएगा, परिचालन लागत कम होगी और लोगों का भरोसा बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।
सिर्फ Subsidy नहीं, पूरा EV Ecosystem होगा मजबूत
मुख्यमंत्री के अनुसार, EV अपनाने का फैसला केवल Subsidy पर निर्भर नहीं करता। इसलिए नई नीति में Charging Infrastructure, Battery Swapping, आसान Registration, Vehicle Scrapping Incentive और बेहतर After Sales Support पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया है।
Commercial EV और Electric Truck को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार Electric Truck और अन्य Commercial EV को भी प्रोत्साहित करेगी। Transport Associations और अन्य Stakeholders के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर Charging Network विकसित किया जाएगा। शुरुआती चरण में कई प्रोत्साहन और सुविधाएं भी दी जाएंगी।
15 हजार करोड़ के Incentive का रोडमैप
सरकार का कहना है कि अगले चार वर्षों में घोषित EV Incentive और Scrapping Benefit को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार इसे खर्च नहीं बल्कि भविष्य के लिए निवेश मानती है, जिससे प्रदूषण कम होगा, ईंधन पर निर्भरता घटेगी और स्वास्थ्य संबंधी खर्च में भी कमी आएगी।
बढ़ती बिजली मांग से कैसे निपटेगी सरकार?
32 हजार Charging Points बनने के बाद बिजली की मांग बढ़ेगी। इसे देखते हुए ऊर्जा विभाग, बिजली कंपनियों और Delhi Transco के साथ मिलकर Grid मजबूत करने, नए Substation बनाने और Solar Energy को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है।
Petrol-Diesel वाहनों पर क्या होगा असर?
सरकार का फिलहाल फोकस नए Electric Vehicle को बढ़ावा देने और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से EV में बदलने पर है। Retrofitting को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन भविष्य में सुरक्षित और प्रमाणित तकनीक उपलब्ध होने पर इस पर विचार किया जा सकता है।
Private Car पर फिलहाल नहीं लगेगा प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी सरकार का ध्यान दोपहिया, तिपहिया और छोटे Commercial Vehicle को Electric Mobility की ओर लाने पर है। निजी कारों पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
BS-4 वाहनों पर भी सरकार की नजर
नवंबर से दिल्ली में BS-4 या उससे कम श्रेणी के बाहरी वाहनों की एंट्री को लेकर सरकार चरणबद्ध योजना तैयार कर रही है। सरकार का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और Supply Chain दोनों के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा।
EV अपनाने के लिए बढ़ाया जाएगा भरोसा
रेखा गुप्ता ने कहा कि जब लोगों को समय पर Subsidy, आसान Registration, पर्याप्त Charging Station, कम Running Cost और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, तो Electric Vehicle अपने आप लोगों की पहली पसंद बन जाएगा। सरकार जागरूकता अभियान और उद्योग जगत के सहयोग से EV को जनआंदोलन बनाने की दिशा में भी काम करेगी।