BJP New Team: दुष्यंत गौतम की छुट्टी, 2027 से पहले उत्तराखंड में बदलेगा पार्टी का समीकरण?
Uttarakhand BJP News: भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उत्तराखंड से चार नेताओं को जिम्मेदारी मिली है, लेकिन लंबे समय से उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम को राष्ट्रीय महामंत्री पद पर जगह नहीं मिली। उनके बाहर होने के बाद राज्य के लिए नए BJP State In-charge की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
दुष्यंत गौतम का नाम कथित तौर पर Ankita Bhandari Case से जुड़े एक विवाद में सामने आया था। इसके बाद से वह पार्टी के कई कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। हालांकि, इस पूरे मामले में उनके खिलाफ किसी निष्कर्ष या आरोप को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नई टीम में गौतम को नहीं मिली जगह
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में दुष्यंत गौतम को राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर शामिल नहीं किया गया है। वह लंबे समय से उत्तराखंड के State In-charge की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
उनका नाम कथित तौर पर अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े एक विवाद के दौरान सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने पार्टी के कई कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी। ऐसे में नई टीम की घोषणा से पहले ही उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं।
गौतम के नई टीम से बाहर होने के बाद अब बीजेपी को उत्तराखंड के लिए नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त करना होगा।
कथित ऑडियो में आया था नाम
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर से जुड़े एक ** कथित Audio** के सामने आने के बाद दुष्यंत गौतम के नाम को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था।
इस कथित ऑडियो के आधार पर गौतम का नाम प्रकरण से जोड़ा गया था, जिसके बाद उत्तराखंड की राजनीति में काफी चर्चा हुई। हालांकि, किसी कथित ऑडियो या राजनीतिक दावे के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका को तथ्यात्मक रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने गौतम को हटाए जाने को सामान्य संगठनात्मक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को ही आमतौर पर State In-charge की जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में उत्तराखंड को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है।
अनिल बलूनी पर फिर जताया भरोसा
नई राष्ट्रीय टीम में गढ़वाल से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को एक बार फिर National Media Coordinator की जिम्मेदारी दी गई है। बलूनी इससे पहले अमित शाह और जेपी नड्डा की टीम में भी राष्ट्रीय मीडिया से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अब नितिन नवीन की टीम में भी उन्हें यह जिम्मेदारी मिलने के साथ उन्होंने लगातार तीसरे राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में अपनी जगह बनाए रखी है। साल 2017 से लगातार पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संगठन में सक्रिय बलूनी पर बीजेपी नेतृत्व ने एक बार फिर भरोसा जताया है।
उत्तराखंड से चार नेताओं को जिम्मेदारी
बीजेपी की नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड से चार वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी मिलने को प्रदेश संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे राज्य के लिए खुशी की बात बताते हुए कहा कि अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने से संगठन को उनके लंबे Organizational Experience और कार्यकुशलता का लाभ मिलेगा।
नई टीम में उत्तराखंड से जुड़े नेताओं के रूप में तीरथ सिंह रावत, अनिल बलूनी, महेंद्र पांडे और आलोक भट्ट का नाम सामने आया है।
नरेश बंसल को नहीं मिली जगह
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल को इस बार बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है। वह इससे पहले राष्ट्रीय संगठन में Joint Treasurer की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
बंसल का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त होने वाला है। ऐसे में अब पार्टी उनके अनुभव का इस्तेमाल संगठन में किस भूमिका में करेगी, इस पर भी नजर रहेगी।
तीरथ सिंह रावत को संगठन का अनुभव
पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत बीजेपी में पहले भी National Secretary की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राष्ट्रीय संगठन में उनका लंबा अनुभव रहा है और नई टीम में उनकी वापसी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, महेंद्र पांडे लंबे समय से बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय से जुड़े रहे हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। आलोक भट्ट भी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार में सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं।
2027 चुनाव से पहले बदलेगा BJP का Uttarakhand Equation?
दुष्यंत गौतम के हटने के बाद उत्तराखंड को नया BJP State In-charge मिलने की संभावना है। ऐसे समय में जब प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, नए प्रभारी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
वहीं, केंद्रीय टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को जिम्मेदारी मिलने से राज्य संगठन को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। अब देखना होगा कि नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति और राष्ट्रीय संगठन में हुए बदलाव का आगामी Uttarakhand Assembly Election 2027 की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।