Delhi Budget today after the Economic Survey, on which sectors can the government focus?
Delhi Budget 2026 पर आज सबकी नजर टिकी है, क्योंकि मुख्यमंत्री Rekha Gupta 24 मार्च को विधानसभा में अपना वार्षिक बजट पेश करने जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस बार सरकार women welfare, student support, business reforms और urban infrastructure जैसे क्षेत्रों पर खास जोर दे सकती है। बजट पेश होने से एक दिन पहले सदन में Economic Survey 2025-26 रखा गया, जिसने दिल्ली की अर्थव्यवस्था, आय और सेक्टरवार हिस्सेदारी की तस्वीर सामने रखी।
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र पारंपरिक kheer ceremony के साथ शुरू हुआ। राजनीतिक माहौल भी गर्म है, क्योंकि विपक्षी AAP ने सत्र को लेकर अपना विरोधी रुख दिखाया है। ऐसे में आज का बजट सिर्फ वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताओं का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है।
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Delhi Economic Survey 2025-26 पेश करते हुए कहा कि राजधानी की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है और सरकार का लक्ष्य दिल्ली को world-class, inclusive, equitable and livable city के रूप में विकसित करना है। उन्होंने अपने “Viksit Delhi, Green Delhi” विजन को दोहराते हुए संकेत दिया कि बजट में विकास और जनकल्याण दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश दिखाई दे सकती है।
आर्थिक सर्वे के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था यानी GSDP मौजूदा कीमतों पर लगभग ₹13.27 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9.42% growth दर्शाता है। वहीं per capita income करीब ₹5.31 लाख रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी बताती है कि हाल के वर्षों में प्रति व्यक्ति आय की growth rate राष्ट्रीय औसत की तुलना में कुछ धीमी रही है।
दिल्ली की economy में सबसे बड़ा योगदान service sector का बना हुआ है। आर्थिक सर्वे के अनुसार सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 86.32% है, जबकि industry sector का योगदान 12.88% और agriculture का हिस्सा 0.80% के आसपास है। इससे साफ है that Delhi remains a service-driven economy, इसलिए बजट में likely focus education, transport, digital services, startups, retail ecosystem और urban facilities जैसे सेक्टरों पर रह सकता है।
बजट से पहले आई survey details ने कुछ और दिलचस्प संकेत भी दिए हैं। शिक्षा पर खर्च लंबे समय में बढ़ा है, हालांकि कुल बजट में उसकी हिस्सेदारी घटी है। रिपोर्ट के अनुसार education spending 2016-17 के मुकाबले काफी बढ़ी, लेकिन total budget share 24.47% से घटकर 19.04% तक आया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि students, schools, skill development और higher education support के लिए आज कुछ targeted announcements देखने को मिल सकते हैं।
इसी तरह उद्योग और fuel transition के मोर्चे पर survey में कहा गया कि दिल्ली की ज्यादातर industries अब PNG पर शिफ्ट हो चुकी हैं और बहुत कम units LPG पर निर्भर हैं। यह संकेत देता है कि बजट में clean energy, pollution control, green transition और ease of doing business से जुड़े प्रावधानों पर भी ध्यान रह सकता है।
पिछले वित्त वर्ष में दिल्ली सरकार ने ₹1 lakh crore budget पेश किया था, जिसमें ₹59,300 crore योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं के लिए रखे गए थे। इस बार भी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या सरकार welfare schemes के साथ capital expenditure और infrastructure spending को और बढ़ाती है, या फिर social sector और targeted relief measures को ज्यादा तवज्जो देती है। Economic Survey में revenue surplus का अनुमान भी दर्ज है, जिससे budgetary room को लेकर सरकार को कुछ flexibility मिल सकती है।
कुल मिलाकर, आज का Delhi Budget 2026 कई वर्गों के लिए अहम है। महिलाओं के लिए नई schemes, छात्रों के लिए support measures, व्यापारियों के लिए policy push, और शहर के लिए infrastructure roadmap — इन सभी पर संभावित घोषणाओं की चर्चा तेज है। बजट पेश होने के बाद ही साफ होगा कि सरकार ने growth, welfare, green development और urban governance के बीच किस तरह का संतुलन बनाया है।