Debate intensifies over the Election Commission's impartiality; what did PK say about Rajiv Kumar and Gyanesh Kumar?
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का भी जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव कुमार के कार्यकाल में भी चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठते रहे थे। साथ ही उन्होंने रिटायरमेंट के बाद राजीव कुमार को HDFC Bank का चेयरमैन बनाए जाने का मुद्दा उठाया। राजीव कुमार फरवरी 2025 में चुनाव आयोग से रिटायर हुए थे और जून 2026 में HDFC Bank के बोर्ड ने उन्हें पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी दी थी। इस नियुक्ति को लेकर खबरें भी सामने आई थीं।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने गुरुवार को कहा कि ज्ञानेश कुमार से पहले राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त थे और उनके कार्यकाल में भी आयोग के कामकाज पर सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की छवि और विश्वसनीयता पिछले सात-आठ वर्षों से लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए आरोप विपक्षी नेताओं के दावे हैं, जिन पर संबंधित पक्षों का रुख भी महत्वपूर्ण है।
SIR से लेकर मतगणना तक सुधार की मांग
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग के कामकाज में बदलाव की मांग करते हुए मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव कार्यक्रम घोषित करने और आदर्श आचार संहिता लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने बिहार में कथित तौर पर पैसे देकर वोट खरीदने और मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों का भी जिक्र किया।
उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव, वोटर लिस्ट तैयार करने के तरीके में सुधार और मतगणना से पहले Form 17 को सार्वजनिक करने की मांग रखी। उन्होंने यह भी कहा कि Counting Process अधिक पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि लोगों का चुनाव व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो सके।
बिहार विधान परिषद चुनाव पर भी नजर
बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी गतिविधियां तेज हैं। जन सुराज पार्टी इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है। खबर के अनुसार, मतदान 23 अक्टूबर को और मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है। प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की जीत का भरोसा भी जताया है।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि इन चुनावों में पढ़े-लिखे मतदाता मतदान करते हैं और उन्हें उम्मीद है कि मतदाता पैसों के बदले अपने वोट नहीं बेचेंगे। उन्होंने बिहार में बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मतदाताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
INDIA गठबंधन की क्या हैं मांगें?
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। INDIA गठबंधन के नेता उनके इस्तीफे और Special Intensive Revision (SIR) पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में संशोधन और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। ऐसे में आने वाले दिनों में आयोग के कामकाज और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने रह सकते हैं।