होली से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, उत्तराखंड में कड़ी कार्रवाई शुरू

देहरादून: होली के त्योहार को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की तैयारी कर ली है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इस संबंध में स्पेशल एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी कर दी है। इसके तहत मिलावट करने वालों को पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और छह साल तक की सजा हो सकती है।

सीमाओं पर सख्ती, ऑन-स्पॉट जांच तेज

खाद्य आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश से सटी सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दूध, मावा, पनीर और खोया जैसे उत्पादों की ऑन-स्पॉट टेस्टिंग की जा रही है। विजिलेंस और सर्विलांस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की मिलावट पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी

हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जिलों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि इन जिलों में मिठाई और दूध से बने उत्पादों की सैंपलिंग प्राथमिकता के आधार पर हो रही है।

प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया

मिलावट की रोकथाम के लिए प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया है—

  1. पहली श्रेणी: ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी में सचल प्रयोगशालाएं तैनात की गई हैं।
  2. दूसरी श्रेणी: चंपावत, बागेश्वर और अल्मोड़ा में सघन निगरानी और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं।
  3. तीसरी श्रेणी: शेष जिलों में भी नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।

डिकाय ऑपरेशन और कानूनी शिकंजा

मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए डिकाय ऑपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। जिन व्यापारियों के उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

जनता को किया जाएगा जागरूक

खाद्य विभाग जनता को भी जागरूक करने की मुहिम चला रहा है ताकि उपभोक्ता मिलावटी उत्पादों को पहचानकर सतर्क रह सकें। खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2006 के तहत बिना लाइसेंस खाद्य उत्पादन करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

होली पर मिलेगा शुद्ध और सुरक्षित भोजन

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य होली पर लोगों को शुद्ध और मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। प्रशासन किसी भी स्तर पर ढील नहीं देगा और नियमित रिपोर्टिंग के जरिए कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।

उत्तराखंड में मिलावटखोरों के खिलाफ इस कड़े अभियान से उम्मीद की जा रही है कि इस बार होली पर बाजार में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध रहेंगे, जिससे जनता त्योहार का आनंद बिना किसी चिंता के उठा सकेगी।