उत्तराखंड में चुनावी मोड में कांग्रेस, नई टीम में युवा नेतृत्व को मौका और दिग्गजों के परिवार को अहम पद

Uttarakhand Congress New Team: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। नई टीम में जहां अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, वहीं 40 फीसदी से अधिक युवा चेहरों को भी संगठन में जगह मिली है। कांग्रेस की इस New Team को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

नई टीम में युवा चेहरों के साथ दिग्गज नेताओं के परिवार को भी जगह

प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में वरिष्ठता और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई दे रही है। संगठन में ऐसे युवाओं को जिम्मेदारी दी गई है जो लंबे समय से Ground Level Politics में सक्रिय हैं। पार्टी का मानना है कि युवा नेताओं की सक्रियता से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और भविष्य के नेतृत्व की दूसरी पंक्ति तैयार होगी।

वहीं, कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बेटे-बेटियों को भी महत्वपूर्ण पद मिले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत और विधायक बेटी अनुपमा रावत को प्रदेश कार्यकारी समिति में शामिल किया गया है। हरीश रावत खुद भी समिति का हिस्सा हैं।

इसके अलावा पूर्व विधायक संजीव आर्य को AICC National Secretary की जिम्मेदारी देने के साथ उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के बेटे अभिषेक सिंह और 2017 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रभुलाल बहुगुणा के बेटे अश्वनी बहुगुणा को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक, जनता के बीच सक्रिय और संगठन का अनुभव रखने वाले युवाओं को आगे लाने से पार्टी को चुनावी तैयारियों में फायदा मिलेगा।

अब Media और Social Media Team पर नजर

प्रदेश कांग्रेस की New Executive Committee के गठन के बाद अब पार्टी के Media, Social Media और Data Analysis Teams के गठन की तैयारी है। कांग्रेस में लंबे समय से स्थायी प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हुई है और फिलहाल कामचलाऊ व्यवस्था के तहत मीडिया से जुड़े काम संचालित किए जा रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई Media Team में एक मुख्य मीडिया संयोजक के साथ करीब आठ से दस प्रवक्ताओं का पैनल बनाया जा सकता है। मौजूदा समय में राजीव महर्षि मीडिया चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी उन्हें फिर यह जिम्मेदारी दे सकती है।

इसके साथ ही Social Media Committee और Data Analysis Committee का गठन भी किया जाना है। इससे कांग्रेस को आगामी चुनाव में डिजिटल कैंपेन, सोशल मीडिया नैरेटिव और बूथ स्तर के डेटा के आधार पर रणनीति बनाने में मदद मिल सकती है।

कई समितियां पहले ही गठित कर चुकी है कांग्रेस

प्रदेश संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की दिशा में कांग्रेस पहले ही कई महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर चुकी है। इनमें कार्यकारी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासन समिति, SIR Committee और आरोप पत्र समिति शामिल हैं।

अब Media और Data Teams के गठन के बाद पार्टी का चुनावी संगठन और अधिक सक्रिय होने की उम्मीद है। कांग्रेस की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए।

खड़गे ने भाजपा पर साधा निशाना

इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड दौरे के बाद राज्य की सियासत और गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कांग्रेस नेताओं के चुनावी दौरे को लेकर दिए गए बयान पर खड़गे ने पलटवार किया।

खड़गे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि वह उत्तराखंड पर्यटन के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपने लोगों, जनता, युवाओं और कांग्रेस संगठन के लिए यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और भाजपा को सत्ता से बाहर करना है।

खड़गे ने राजनीतिक विरोध के बावजूद वरिष्ठ नेताओं के सम्मान की बात भी कही। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के विपक्ष में रहते हुए कर्नाटक आने का उदाहरण देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं के सम्मान की परंपरा कायम रहनी चाहिए।

संगठन की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैक

खड़गे ने बैठक के दौरान जिलावार संगठन की स्थिति और Booth Level Workers की सक्रियता की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय मुद्दों, जनता के बीच कांग्रेस की पकड़ और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर भी फीडबैक लिया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने नेताओं से कहा कि संगठन को केवल बैठकों और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने से चुनावी सफलता नहीं मिलेगी। कार्यकर्ताओं को लगातार Public Outreach करते हुए लोगों की समस्याओं को उठाना होगा।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान तेज करने और पार्टी के भीतर मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया।

हल्द्वानी की सभा के बाद बढ़ा BJP-Congress सियासी टकराव

मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी जनसभा के बाद उत्तराखंड में BJP vs Congress की सियासी लड़ाई और तेज हो गई है। कांग्रेस रोजगार, पेपर लीक, पुरानी पेंशन योजना, भ्रष्टाचार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

वहीं भाजपा कांग्रेस के इन अभियानों को आगामी Uttarakhand Assembly Election 2027 की चुनावी तैयारी बता रही है। नई प्रदेश कार्यकारिणी में युवा चेहरों को बड़ी संख्या में शामिल करने के बाद कांग्रेस अब संगठन को जमीनी स्तर पर कितना मजबूत कर पाती है, यह आगामी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।