Uttarakhand Cabinet में आने वाली नई Regularization Policy 2025 की पूरी जानकारी

उत्तराखंड सरकार ने संविदा (Contract) कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization) पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 28 अगस्त को मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव न्याय मनीष कुमार पांडे, अपर सचिव कार्मिक नवनीत पांडे और अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद शामिल रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य था संविदा कर्मचारियों की Regularization Rules 2025 को अंतिम रूप देना और इसे जल्द ही कैबिनेट (Cabinet) के सामने पेश करना।

Regularization Rules: पिछली नियमावलियों का सार

बैठक में बताया गया कि राज्य में Supreme Court directives के अनुसार पहले वन टाइम एक्सरसाइज (One-Time Exercise) के तहत दैनिक वेतन (Daily Wage), संविदा (Contract), कार्यभारित (Charge), नियत वेतन (Fixed Pay), अंशकालिक (Part-Time) और तदर्थ (Temporary) कर्मचारियों के Regularization की नियमावली जारी की गई थी।

2011 की नियमावली: 1 नवंबर 2011 तक 10 वर्ष सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए Regularization का प्रावधान।

2013 की नियमावली: 30 दिसंबर 2013 तक कम से कम 5 वर्ष की निरंतर सेवा वाले कर्मचारियों को Regularization का अधिकार।

2018 में High Court नैनीताल ने इस नियमावली पर रोक लगा दी थी।

High Court के आदेश और नई तैयारी

नरेंद्र सिंह बनाम राज्य मामले में High Court नैनीताल ने 22 फरवरी 2024 को आदेश दिया कि पांच वर्ष की सीमा को 10 वर्ष किया जाना चाहिए। इसके बाद आदेश का पुनर्विचार किया गया।

निर्णय हुआ कि High Court के Stay Order के अनुसार चार दिसंबर 2018 से 10 वर्ष पूर्व यानी चार दिसंबर 2008 तक नियुक्त दैनिक वेतन, कार्यभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों का नियमितीकरण प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

नई नियमावली और कैबिनेट प्रक्रिया

इस प्रक्रिया में 2013 की नियमावली के नियम चार, उप-नियम 1 में संशोधन किया जाएगा। इसके तहत सभी पात्र कर्मचारियों का Regularization 2025 कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट के निर्णय के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह Regularization पूर्व की नियमावलियों के आधार पर होगा। Outsourcing Agencies या उप-नल के कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।