“जनजातीय क्षेत्र में बदलती Demography? बहुउद्देशीय शिविर में उठा बड़ा सवाल”

देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र स्थित जौनसार-बावर जनजातीय क्षेत्र के पंजीटीलानी में आयोजित Multi Purpose Camp के दौरान जल, जंगल और जमीन (Jal Jungle Zameen) का मुद्दा केंद्र में रहा। शिविर में पहुंचे वन मंत्री सुबोध उनियाल के सामने स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार और रूद्र सेना के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी ने जनजातीय समुदाय के Forest Rights और Land Rights से जुड़े गंभीर सवाल उठाए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से उन्हें जंगल से लकड़ी लेने की अनुमति नहीं मिल रही है, जबकि लगभग 700 बीघा जमीन वन गुजरों के नाम दर्ज होने से क्षेत्र में भारी नाराज़गी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन उनकी पारंपरिक आजीविका और पहचान से जुड़ी हुई है।

दरअसल, पंजीटीलानी खेल मैदान में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत यह बहुउद्देशीय शिविर (Multi Department Camp) आयोजित किया गया था। शिविर में करीब 27 से 36 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए, जहां लोगों के Aadhaar Card, Pension, Health Services, Certificates समेत कई सरकारी कार्य मौके पर ही किए गए।

शिविर के दौरान बॉबी पंवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने स्पष्ट कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों का होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज स्थिति यह है कि ग्रामीण अगर जंगल से लकड़ी लाते हैं तो उनके खिलाफ Forest Act के तहत केस दर्ज कर दिए जाते हैं।

इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने सफाई देते हुए कहा कि राज्य में 17 पेड़ प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं, जिनकी कटाई के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है। वहीं 700 बीघा जमीन के विवाद पर उन्होंने कहा कि Bandobast एक न्यायिक प्रक्रिया है और उसी के तहत मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की जांच कर State Government को रिपोर्ट सौंपी जाए।

स्थानीय लोगों ने यह भी चिंता जताई कि क्षेत्र में Demographic Change हो रहा है, जिससे उनकी जमीन और संसाधनों पर खतरा बढ़ रहा है। इस पर वन मंत्री ने भरोसा दिलाया कि माफी की लकड़ी (Timber Permission) के लिए DFO को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशान न किया जाए।

गौरतलब है कि इस Multi Purpose Camp में सरकार की विभिन्न Welfare Schemes की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। शिविर के दौरान कुल 178 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 29 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सबसे अधिक शिकायतें Road, Health, Education और Drinking Water Department से जुड़ी रहीं, जबकि Forest Department से जुड़े मामलों पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई।

शिविर में जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से योजनाओं की जानकारी ली और अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं।