Caste-based Census: Congress का ‘हर घर दस्तक’ प्लान, PM से पूछे 3 तीखे सवाल
Caste Census को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने एक बार फिर से अपनी रणनीति को धार दे दी है। पार्टी ने न केवल मोदी सरकार को इस मुद्दे पर बैकफुट पर लाने की कोशिश की है, बल्कि पूरे देश में Awareness Campaign चलाने का भी ऐलान किया है।
हर विधानसभा में ‘हर घर दस्तक’ अभियान
कांग्रेस ने सभी State Congress Units को निर्देश जारी किया है कि वे 30 मई तक विधानसभा स्तर पर रैलियां और Door-to-Door Campaign चलाएं। इसका मकसद यह दिखाना है कि जातिवार जनगणना की मांग कांग्रेस की पहल थी और इसके लिए पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Special Control Rooms और District Observers होंगे नियुक्त
इस अभियान की मॉनिटरिंग में कोई ढिलाई न हो, इसके लिए कांग्रेस ने Special Control Rooms सभी राज्य इकाइयों में बनाने और District-level Observers की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। ये पर्यवेक्षक सीधे AICC (All India Congress Committee) को रिपोर्ट करेंगे।
PM Modi के Caste Census पर ‘U-turn’ का Congress का दावा
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Caste-based Census पर हताशा में यू-टर्न लिया है। Jairam Ramesh, कांग्रेस के संचार प्रमुख ने तीन ठोस उदाहरण देते हुए कहा कि पहले सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह से विरोध में थी।
तीन प्रमुख प्रमाण जो कांग्रेस ने गिनाए
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28 अप्रैल 2024 को एक टीवी इंटरव्यू में PM मोदी ने जाति जनगणना की मांग करने वालों को “Urban Naxals” कहा था।
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20 जुलाई 2021 को संसद में सरकार ने कहा था कि Only SC-ST Data लिया जाएगा, बाकी जातियों की गिनती नहीं होगी।
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21 सितंबर 2021, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में सरकार ने इसे एक Policy Decision बताया था कि अन्य जातियों की जानकारी नहीं जुटाई जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि अगर अब सरकार जाति जनगणना के पक्ष में है, तो उसे Official Stand Change की जानकारी Parliament और जनता को देनी चाहिए।
PM से Congress के 3 सवाल जो बनेंगे Campaign का आधार
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क्या मोदी सरकार आधिकारिक रूप से मानेगी कि पिछले 11 वर्षों में उसने जाति जनगणना पर अपनी नीति बदली है?
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क्या सरकार संसद को बताएगी कि इस नीति में बदलाव के पीछे क्या कारण हैं?
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क्या केंद्र सरकार Caste Census के लिए एक Timeframe घोषित करेगी?