Hemkund Sahib Yatra से पहले बड़ा झटका: Govindghat में Iron Bridge गिरा

हेमकुंड साहिब यात्रा से पहले बड़ा झटका: चमोली में निर्माणाधीन Iron Bridge गिरा

Chamoli, Uttarakhand:
श्री हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib Yatra 2025) के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। गोविंदघाट (Govindghat) में अलकनंदा नदी (Alaknanda River) पर बन रहा एक under-construction iron bridge बुधवार को अचानक टूटकर नदी में गिर गया। यह पुल लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार किया जा रहा था।

Bridge Construction Accident: क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1:15 बजे की है जब valley bridge के निर्माण के दौरान अचानक उसका एक हिस्सा करीब 12 मीटर तक झुक गया और नदी में गिर गया।

PWD के technical experts का मानना है कि पुल के components जोड़ते समय संभवतः कोई clamp ढीला रह गया, जिससे यह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि इससे पहले 5 मार्च को भी इसी क्षेत्र में एक पुराना मोटर पुल टूट गया था, जो गुरुद्वारा गोविंदघाट के पीछे स्थित था। उसके बाद ही इस नए लोहे के पुल का निर्माण शुरू किया गया था, जो अब फिर से गिर गया है।

Impact on Pilgrimage: श्रद्धालुओं को हो सकती है परेशानी

हेमकुंड साहिब की पवित्र यात्रा 25 मई से शुरू होने वाली है। हजारों pilgrims हर साल इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं और Govindghat से होकर Hemkund पहुंचते हैं। ऐसे में पुल के गिरने से yatra route पर बाधा उत्पन्न हो सकती है।

हालांकि, PWD officials का कहना है कि इस पुल को 10-15 दिनों के अंदर फिर से तैयार कर लिया जाएगा ताकि यात्रा में किसी तरह की रुकावट न आए।

No Casualties Reported: राहत की बात

इस हादसे में किसी भी प्रकार की human casualty या बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। निर्माण कार्य के दौरान किसी भी worker के घायल होने की खबर नहीं है।

Safety Concern: क्या भविष्य में हो सकती है ऐसी घटनाएं?

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने उत्तराखंड में infrastructure safety पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माणाधीन पुल के गिरने की यह दूसरी घटना है और इससे प्रशासन पर भरोसा भी प्रभावित हो रहा है।

उत्तराखंड प्रशासन और PWD के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह Hemkund Yatra शुरू होने से पहले पुल का निर्माण सुरक्षित और समय पर पूरा करें। यह घटना न सिर्फ logistics के लिहाज़ से गंभीर है, बल्कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी एक चेतावनी है।