Big contest in Nepal General Election: Youth icon Balen Shah vs. veteran leader
नेपाल में आज General Election के लिए मतदान हो रहा है और इस चुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। चुनावी मैदान में जहां आधा दर्जन पूर्व प्रधानमंत्री हैं, वहीं दूसरी तरफ एक ऐसा उम्मीदवार है जिसने युवाओं के बीच नई उम्मीद पैदा की है—पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर Balendra Shah, जिन्हें लोग Balen Shah के नाम से जानते हैं।
करीब 1.9 करोड़ मतदाता आज मतदान कर रहे हैं, जिनमें लगभग 8 लाख पहली बार वोट डालने वाले Gen Z मतदाता शामिल हैं। इस चुनाव को 2025 के Gen Z protests के बाद नेपाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है।
Gen Z आंदोलन के बाद पहली राष्ट्रीय वोटिंग
यह चुनाव उस आंदोलन के बाद हो रहा है जिसने नेपाल की राजनीति को हिला दिया था। सितंबर 2025 में युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री KP Sharma Oli की सरकार गिर गई थी।
उस आंदोलन के बाद नेपाल में युवा मतदाताओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अब यह देखा जाएगा कि क्या Gen Z वोटर पारंपरिक दलों को समर्थन देंगे या किसी नए चेहरे को मौका देंगे।
युवाओं में लोकप्रिय हैं Balen Shah
35 वर्षीय Balen Shah नेपाल की राजनीति में एक नए दौर का प्रतीक बनकर उभरे हैं। वे पेशे से civil engineer हैं और रैपर के रूप में भी लोकप्रिय रहे हैं।
वे पहले काठमांडू के मेयर चुने गए थे और बाद में राष्ट्रीय राजनीति में उतरने के लिए उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। इस चुनाव में वे Rastriya Swatantra Party (RSP) के उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं।
उनका अभियान clean governance, accountability, jobs creation और affordable healthcare जैसे मुद्दों पर केंद्रित है, जो खास तौर पर युवा मतदाताओं को आकर्षित कर रहा है।
Jhapa सीट पर Oli से सीधा मुकाबला
सबसे दिलचस्प मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री KP Sharma Oli और Balen Shah के बीच माना जा रहा है। शाह पूर्व प्रधानमंत्री के गढ़ Jhapa-5 constituency से चुनाव लड़ रहे हैं।
यह मुकाबला एक तरह से नई पीढ़ी बनाम पुरानी राजनीति के रूप में देखा जा रहा है—जहां 35 वर्षीय युवा नेता का सामना 74 वर्षीय अनुभवी राजनेता से है।
चुनाव मैदान में कई पूर्व प्रधानमंत्री
इस चुनाव की खास बात यह है कि इसमें कई पूर्व प्रधानमंत्री भी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं:
Sher Bahadur Deuba – नेपाली कांग्रेस के नेता
Pushpa Kamal Dahal Prachanda – माओवादी सेंटर के प्रमुख
Baburam Bhattarai
Jhala Nath Khanal
Madhav Kumar Nepal
इन नेताओं का राजनीतिक अनुभव दशकों पुराना है, लेकिन युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता पहले जैसी नहीं मानी जा रही।
नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बड़ा मुद्दा
नेपाल में 2008 में राजशाही खत्म होने के बाद देश Federal Democratic Republic बन गया।
लेकिन पिछले 17 साल में 13 सरकारें बदल चुकी हैं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता लगातार बनी हुई है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में मतदाता बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
संसद की कितनी सीटें और कब आएंगे नतीजे
नेपाल की संसद House of Representatives में कुल 275 सीटें हैं।
इस चुनाव में 65 राजनीतिक दलों के लगभग 3500 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए करीब 23,000 polling stations बनाए गए हैं।
नेपाल के Election Commission Nepal के मुताबिक वोटों की गिनती शुरू होने के 24 घंटे के भीतर कई सीटों के नतीजे आ सकते हैं और अधिकांश परिणाम 6 मार्च तक घोषित होने की संभावना है।
चुनाव पर राजशाही की बहस भी हावी
इन चुनावों के बीच नेपाल में राजशाही की बहाली को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। नेपाल के पूर्व राजा Gyanendra Shah ने हाल ही में चुनाव टालने और राजनीतिक सहमति बनाने की अपील की थी।
हालांकि कई विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम 2015 के संविधान के लोकतांत्रिक ढांचे को चुनौती दे सकता है।
क्या नेपाल की राजनीति में आएगा नया दौर?
इस चुनाव में एक तरफ अनुभवी नेता हैं, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Balen Shah जैसे युवा नेता नेपाल की राजनीति में नई शुरुआत करेंगे, या फिर अनुभवी नेता एक बार फिर सत्ता में वापसी करेंगे।