Corbett Tiger Reserve घोटाले में बड़ा एक्शन – CBI और ED की जांच में आया 215 करोड़ का गड़बड़झाला

Corbett Tiger Safari Scam में एक बड़े घटनाक्रम में CBI (Central Bureau of Investigation) ने Uttarakhand Government से पांच वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन मंजूरी (Prosecution Sanction) मांगी है। यह कार्रवाई 6000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई और अनधिकृत निर्माण कार्यों के आधार पर की गई है, जिससे पर्यावरण को गहरा नुकसान पहुंचा है।

 मामला क्या है?

CBI ने अक्टूबर 2023 में Corbett Tiger Reserve Scam की जांच शुरू की थी। इससे पहले यह मामला State Vigilance Department के अधीन था, जहां पूर्व DFO किशन चंद और रेंजर बृज बिहारी शर्मा को निलंबित और फिर गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया कि Pakhro Range में बनाए जा रहे Tiger Safari Project की आड़ में 106 हेक्टेयर भूमि पर अनाधिकृत निर्माण हुआ और हजारों पेड़ काटे गए।

कितना पैसा और कहां घोटाला?

  • अनुमानित ₹215 करोड़ की गड़बड़ियां हुईं।

  • निर्माण कार्यों में शामिल हैं:

    • हाथी की दीवार (Elephant Wall)

    • कंडी रोड

    • कोर जोन में Chief Wildlife Warden के लिए अवैध आवास

    • Pakhro, Sneh, Kugadda, Morghatti रेस्ट हाउस का निर्माण

 ED भी आया एक्शन में

CBI की जांच के बाद Enforcement Directorate (ED) ने भी दिसंबर 2023 में इस मामले की PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत जांच शुरू की।
ED ने पूर्व DFO किशन चंद की ₹31.8 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है।


 किन-किन पर हो रही है कार्रवाई?

सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ जांच जारी है:

  • Kishan Chand – Former DFO

  • Brij Bihari Sharma – Former Ranger

  • Mathura Singh, LR Naag, Akhilesh Tiwari – पूर्व अधिकारी

  • KS Suhag – पूर्व Chief Wildlife Warden (अब दिवंगत)

  • Sushant Patnaik – पूर्व CCF

  • Rahul – पूर्व निदेशक कॉर्बेट

इसके अलावा, पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कानून की लड़ाई में जनता की जीत?

2021 में एडवोकेट अभिजय नेगी द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद से मामला सामने आया।
National Tiger Conservation Authority (NTCA) और Forest Survey of India (FSI) की रिपोर्ट्स में भी गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुईं।

याचिकाकर्ता अनु पंत ने TNIE से कहा कि, “यह लड़ाई अब सिर्फ जंगल की नहीं, जनता के विश्वास की भी है।”