Ankita’s mother, hurt by Dushyant Gautam’s appointment as Governor, says: "Hope for justice for my daughter has been shattered."
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अंकिता के माता-पिता के दिल्ली में धरना देने के पांच दिन बाद पौड़ी जिले में तैनात LIU इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को पद से हटाकर उनकी जगह इंस्पेक्टर ईश्वर दयाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, तबादले के आदेश में कार्रवाई की वजह स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन इसे अंकिता के परिजनों के दिल्ली में प्रदर्शन और खुफिया तंत्र की कथित चूक से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, अंकिता की मां ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर दुख जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ गई है। इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
दिल्ली धरने के बाद LIU इंस्पेक्टर पर कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, पौड़ी जिले में तैनात LIU इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को हटाकर उनकी जगह इंस्पेक्टर ईश्वर दयाल को नियुक्त किया गया है। आदेश में तबादले का कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई को अंकिता के माता-पिता के हालिया दिल्ली धरने से जोड़कर देखा जा रहा है। परिजनों के दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करने की जानकारी स्थानीय खुफिया तंत्र को समय पर नहीं मिल पाने को प्रशासनिक स्तर पर चूक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी घटनाक्रम के बाद LIU अधिकारी पर कार्रवाई हुई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से आहत हैं अंकिता के माता-पिता
अंकिता भंडारी की मां ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उन्हें अपनी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। अंकिता के परिवार की ओर से इस मामले में कथित ‘VIP’ की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। परिवार ने दुष्यंत गौतम का नाम भी इस संदर्भ में उठाया है। हालांकि, किसी व्यक्ति की कथित संलिप्तता और उससे जुड़े आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
अंकिता के पिता ने बताया कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की खबर सुनने के बाद उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी बेटी को खोने के दर्द से अब तक उबर नहीं पाया है। अंकिता की मां ने भावुक होते हुए कहा कि बेटी की याद उन्हें लगातार परेशान करती है और परिवार के लिए त्योहार मनाना भी मुश्किल हो गया है।
नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो फिर धरने की चेतावनी
अंकिता के पिता ने संवाददाता सम्मेलन में चेतावनी दी कि यदि सरकार दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द नहीं करती है, तो परिवार 24 घंटे के भीतर दोबारा धरने पर बैठेगा। परिवार की मांग है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सवालों पर गंभीरता से कार्रवाई हो और उन्हें न्याय मिले। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा फिर तेज हो गई है।
कांग्रेस विधानसभा का घेराव कर उठाएगी अंकिता केस का मुद्दा
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी की है। पार्टी ने ऐलान किया है कि विधानसभा सत्र के पहले दिन वह विधानसभा का घेराव करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, सत्र के दौरान अंकिता हत्याकांड में कथित ‘VIP’ की भूमिका, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, राज्य से पलायन और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। पार्टी ने राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद के माध्यम से ‘न्याय यात्रा’ निकालने की भी घोषणा की है।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस के विधानसभा घेराव के ऐलान पर भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को नकारात्मक राजनीति का हिस्सा बताया। भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले पांच वर्षों में विरोध-प्रदर्शन और सदन में हंगामे के जरिए समय बर्बाद किया तथा जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं की। इस तरह अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर परिवार की न्याय की मांग के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।