AAP Crisis: इस सांसद के जाने से Kejriwal को सबसे बड़ा झटका

Aam Aadmi Party को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party जॉइन कर ली। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सरप्राइज Sandeep Pathak का नाम माना जा रहा है।

क्यों खास है Sandeep Pathak का Exit?

सूत्रों के मुताबिक, Arvind Kejriwal को भरोसा था कि संदीप पाठक पार्टी नहीं छोड़ेंगे।

उन्हें AAP का core strategist माना जाता था
पार्टी नेतृत्व के काफी करीबी थे
लंबे समय से organizational planning में अहम भूमिका निभा रहे थे

इसी वजह से उनका जाना Kejriwal के लिए सबसे बड़ा political setback माना जा रहा है।

Defection से पहले क्या हुआ?

रिपोर्ट्स के अनुसार:

Kejriwal ने 22 अप्रैल से ही सांसदों से बातचीत शुरू कर दी थी
Vikramjit Sahney, Ashok Mittal और Pathak से मुलाकात की
Harbhajan Singh से भी संपर्क साधा

बताया जा रहा है कि Pathak के साथ करीब डेढ़ घंटे की मीटिंग हुई थी, जिसमें उन्होंने पार्टी के साथ बने रहने का भरोसा दिया था।

Dal-Badal Row: AAP का Legal Action Plan

इस पूरे मामले पर Sanjay Singh ने कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने C. P. Radhakrishnan को पत्र लिखकर:

7 सांसदों को disqualify करने की मांग की
इसे anti-defection law violation बताया

संजय सिंह ने कहा कि:

जरूरत पड़ी तो मामला कोर्ट तक ले जाया जाएगा
यह कदम “जनता के विश्वास के खिलाफ” है
किन-किन नेताओं ने छोड़ी AAP?

पार्टी छोड़ने वालों में शामिल हैं:

Raghav Chadha
Sandeep Pathak
Ashok Mittal
Harbhajan Singh
Rajendra Gupta
Vikramjit Sahney
Swati Maliwal

इन नेताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने core values और सिद्धांतों से भटक गई है।

Exit की वजह क्या बताई जा रही है?

सूत्रों के मुताबिक:

दिल्ली चुनाव में हार के बाद कुछ नेता marginalized महसूस कर रहे थे
संगठन में उनकी भूमिका कम हो गई थी
इससे असंतोष बढ़ता गया

Bigger Picture: AAP के लिए क्या मायने?

यह घटनाक्रम:

AAP की political stability पर सवाल खड़े करता है
आने वाले चुनावों पर असर डाल सकता है
और पार्टी के अंदर leadership challenges को उजागर करता है