Mamata Banerjee के वफादार नेता ने ही साधा निशाना, TMC में बढ़ी अंदरूनी लड़ाई

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी उथल-पुथल के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कलीयन बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी में बढ़ते असंतोष और हालिया इस्तीफों के बीच कलीयन बनर्जी के बयान ने TMC Crisis को और गहरा कर दिया है।

अभिषेक बनर्जी का समर्थन करने से किया इनकार

मीडिया से बातचीत के दौरान कलीयन बनर्जी ने साफ कहा कि वह कथित Signature Forgery Row से जुड़े किसी भी मामले में TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, “मैं अभिषेक बनर्जी के लिए किसी भी मामले में अदालत में पेश नहीं होऊंगा। मुझे उनका अहंकारी रवैया पसंद नहीं है। मैं पिछले 45 वर्षों से इस पेशे में हूं और ये सभी लोग कभी मेरे जूनियर रहे हैं। ऐसे में वह मेरा अपमान कैसे कर सकते हैं?”

चुनावी हार के लिए भी ठहराया जिम्मेदार

कलीयन बनर्जी ने सिर्फ कानूनी विवाद से दूरी नहीं बनाई, बल्कि पार्टी की मौजूदा स्थिति और चुनावी हार के लिए भी अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा कि राजनीति में भी वह अभिषेक से वरिष्ठ हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि पार्टी की हार के पीछे उनकी कार्यशैली एक बड़ा कारण रही है।

कलीयन बनर्जी के मुताबिक, “उन्हें समझना होगा कि चुनाव में हार की बड़ी वजह वही हैं। आज पार्टी जिस संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भी उनकी भूमिका जिम्मेदार है।”

TMC में बढ़ता असंतोष

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद से ही TMC के भीतर असंतोष की आवाजें तेज होती जा रही हैं। कई नेताओं ने अभिषेक बनर्जी की नेतृत्व शैली और फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी के भीतर कुछ नेताओं का मानना है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में अत्यधिक केंद्रीकरण और कथित तौर पर ‘हाई-हैंडेड’ रवैये ने संगठन को नुकसान पहुंचाया है।

ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती

कलीयन बनर्जी को मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में उनका सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी की आलोचना करना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में TMC नेतृत्व को संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

कलीयन बनर्जी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दल भी TMC की अंदरूनी कलह को मुद्दा बना रहे हैं। अब सभी की नजर पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

फिलहाल इतना तय है कि TMC के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सार्वजनिक मंच पर दिखाई देने लगा है, जिससे पार्टी की आंतरिक एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।