Chardham Yatra 2025: केदारनाथ में 17,000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, गौरीकुंड से केदारनाथ तक नए पड़ावों में टेंट सुविधाएं

केदारनाथ यात्रा के लिए नई सुविधाओं की शुरुआत, 17,000 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम
केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन ने यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर नए पड़ावों में यात्रियों के लिए टेंट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस बार एक रात में 17,000 यात्रियों के ठहरने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर ठहरने की सुविधाएं तैयार की गई हैं, जिसमें जीएमवीएन के कॉटेज, तीर्थपुरोहितों के आवासीय और व्यवसायिक भवन और निजी टेंट शामिल हैं।

 

नए भवन और टेंट की सुविधाएं
केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के तहत कई नए भवनों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जिनमें यात्रियों के ठहरने की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस बार, केदारनाथ में यात्रा के दौरान 15,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच कई स्थानों पर यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए टेंट लगाए जाएंगे।

यहां होंगे टेंट और रात्रि विश्राम के इंतजाम:

  • जंगलचट्टी

  • भीमबली

  • छोटी लिनचोली

  • बड़ी लिनचोली

  • छानी कैंप

  • रुद्रा प्वाइंट

  • बेस कैंप

इन जगहों पर यात्रियों के रुकने के लिए करीब 2,000 टेंट लगाए जाएंगे। इस तरह, पूरी यात्रा मार्ग पर करीब 17,000 यात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई है।

बर्फ हटाने का कार्य तेजी से जारी
गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। रामबाड़ा से लिनचोली के बीच बर्फ हटाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जबकि लिनचोली से छानी कैंप के बीच लोनिवि के श्रमिक बर्फ हटाने का कार्य कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर तीन फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है, लेकिन प्रशासन का लक्ष्य आगामी 25 अप्रैल तक सभी कार्यों को समाप्त करना है।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार अवसर
केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यात्रा कई पीढ़ियों से स्थानीय लोगों के लिए आय का मुख्य स्रोत रही है। सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर मिलें ताकि यात्रा के सफल संचालन के साथ-साथ स्थानीय विकास भी सुनिश्चित हो सके।

केदारनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने इस बार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था में बड़े कदम उठाए हैं। टेंट, नए भवन और अन्य सुविधाओं के साथ, यात्रियों को बेहतर अनुभव देने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जिससे यात्रा के संचालन को सुचारू और प्रभावी बनाया जा सके।