A major feud in the Lalu family: Rohini said, "I was thrown out of my parents' home."
बिहार चुनावी हार के बाद RJD में Internal Conflict खुलकर सामने आ गया है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के घर में तनाव इतना बढ़ गया कि उनकी बेटी रोहिणी आचार्य भावनात्मक रूप से टूट गईं। रोहिणी ने आरोप लगाया कि पार्टी की हार का जिम्मेदार Sanjay Yadav और Rameez Nemat को बताने पर राबड़ी देवी के आवास पर उनके साथ बदसलूकी हुई, गाली-गलौज हुआ और यहां तक कि उन पर चप्पल भी उठाई गई।
शनिवार को सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने का संकेत देने के बाद रोहिणी पटना से दिल्ली पहुँचीं। रविवार को दिल्ली से मुंबई जाते समय मीडिया से बात करते हुए वह लगातार भावुक रहीं और उनकी आवाज़ भी बैठी हुई थी। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद के दौरान लालू यादव, राबड़ी देवी और उनकी बहनें रो रही थीं और परिवार गहरे दर्द से गुजर रहा था।
रोहिणी ने कहा,
“मैंने जो कहा, सच कहा। झूठ बोलने वालों के आगे झुकूंगी नहीं। जो हुआ, आप तेजस्वी, संजय यादव और रमीज से पूछ लीजिए। मेरे माता-पिता मेरे साथ हैं।”
“मुझे मायके से निकलने पर मजबूर किया गया” — Rohini Acharya Statement
दिल्ली में भावुक बातचीत के दौरान रोहिणी ने कहा कि उन्हें अपने ही मायके में अपमानित किया गया। उन्होंने बताया कि वह अपने ससुराल मुंबई जा रही हैं, क्योंकि उनकी सास उनकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं।
रोहिणी ने X (Twitter) पर लिखा—
“एक बेटी, बहन, माँ और विवाहित महिला होने के नाते मुझे गंदी गालियाँ दी गईं, चप्पल उठाया गया, मेरी इज्जत उतारी गई। सिर्फ इसलिए कि मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और झूठ के आगे नहीं झुकी।”
उन्होंने कहा कि माता-पिता और बहनें उनके अपमान पर रो रही थीं, लेकिन मजबूरी में उन्हें अपना मायका छोड़ना पड़ा।
“मेरे साथ जो हुआ, कोई भी बेटी न झेले। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी या बहन न पैदा हो।”
परिवारिक विवाद के बाद Tej Pratap का बड़ा बयान
तेज प्रताप यादव ने रोहिणी के साथ हुए बर्ताव पर नाराज़गी जताई और कहा कि अगर लालू प्रसाद यादव आदेश दें तो सभी “जयचंदों को जमीन में दफना देंगे।”
राजनीतिक गलियारों में इसे RJD Family Rift और Tejashwi Yadav Controversy से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसी बीच तेज प्रताप ने NDA को समर्थन देने के अपने फैसले की पुष्टि भी की और चर्चा है कि रोहिणी को JJD में Join Offer दिया गया है।
“मेरे भाई ने मेरा साथ नहीं दिया” — रोहिणी का दर्द
रोहिणी ने कहा कि जिस परिवार में भाई होते हैं, त्याग भाई को करना चाहिए, लेकिन उन्हें अपने ही भाई से अपमान मिला।
उन्होंने कहा—
“मैंने अभी अपने भाई को अस्वीकार कर दिया है। मैंने सच का साथ दिया है, चाहे उसकी कीमत मुझे मायका छोड़कर ही क्यों न चुकानी पड़ी हो।”