34 inch paratha is available only in Dehradun, with halwa, know the price and specialty
देहरादून का 34 इंच का पराठा: हलवे के साथ परोसने की अनोखी परंपरा
उत्तराखंड के देहरादून में हर साल लगने वाला झंडे जी का मेला एक खास परंपरा और स्वाद का संगम है। इस मेले में एक अनोखी डिश मिलती है—34 इंच का विशाल पराठा, जो सब्जी, चटनी या अचार के बजाय मीठे हलवे के साथ परोसा जाता है। इस पराठे की कीमत केवल 200 रुपये प्रति किलो है, लेकिन इसका स्वाद अमूल्य है।
साल में एक बार मिलने वाला ये अनोखा पराठा
देहरादून का झंडे जी का मेला हर साल सिर्फ एक बार आयोजित होता है, और इसी दौरान इस 34 इंच के पराठे का स्वाद चखा जा सकता है। इसे बनाने में बेहद मेहनत लगती है, और यह पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। हलवा और पराठा, दोनों ही शुद्ध रिफाइंड तेल में बनाए जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है।
कहां से आई हलवा-पराठे की यह परंपरा?
आजम, जो मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं, इस अनोखे पराठे को मेले में परोसते हैं। 2008 से वे लगातार इस मेले में आ रहे हैं और अपनी पुश्तैनी परंपरा को जीवंत रखे हुए हैं। उनके दादा सहारनपुर में हलवा-पराठा बनाकर खिलाते थे, और अब आजम इस स्वाद को देहरादून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मेले और नुमाइशों के जरिए लोगों तक पहुंचा रहे हैं। मेरठ, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी लोग इस अनोखे पराठे का स्वाद चख चुके हैं।
घंटों की मेहनत से तैयार होता है 34 इंच का पराठा
आजम बताते हैं कि इस पराठे को तैयार करने में काफी मेहनत लगती है। सुबह 4 बजे से ही तैयारी शुरू हो जाती है, जब सूजी से शुद्ध रिफाइंड तेल में हलवा पकाया जाता है। फिर 34 इंच का विशाल पराठा बेलकर तला जाता है, जिसमें वर्षों की मेहनत और कला झलकती है। आजम ने यह विधि अपने पिता से सीखी है और इसे सालों से कर रहे हैं।
कैसे पाएं हलवा-पराठे का मजा?
अगर आप इस अनोखे पराठे का स्वाद लेना चाहते हैं, तो आपको देहरादून के सहारनपुर चौक से झंडा बाजार की ओर जाना होगा। गुरु राम राय दरबार साहिब के सामने लगने वाले इस मेले में आप 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से इस स्वादिष्ट पराठे का लुत्फ उठा सकते हैं। अगर आप इस बार चूक गए, तो अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा!
इस अनोखे हलवा-पराठे का स्वाद एक बार जरूर लें और जानें देहरादून की इस खास परंपरा का राज!