सलमान खान की घड़ी पर मौलाना का फतवा: क्या इस्लाम में हराम है? मौलाना का सलमान खान पर आरोप: ‘राम मंदिर घड़ी पहनना हराम और अवैध’

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा ‘राम जन्मभूमि एडिशन’ घड़ी पहनने को “हराम” (इस्लाम में निषिद्ध) करार दिया है। मौलाना ने कहा कि उन्हें सलमान खान की इस हरकत पर इस्लामी कानून के बारे में पूछताछ मिली है।

 

क्या है विवाद?

सलमान खान ने अपनी आगामी फिल्म ‘सिकंदर’ के प्रमोशन के दौरान एक सुनहरे डायल और नारंगी स्ट्रैप वाली शानदार घड़ी पहनी थी, जो ‘राम जन्मभूमि एडिशन’ के नाम से जानी जाती है।

 

मौलाना रज़वी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “मुझसे सलमान खान के इस काम के बारे में शरीयत का हुक्म पूछा गया है। मैं आपको बताता हूँ कि शरीयत के मुताबिक, किसी मुस्लिम का राम मंदिर के प्रचार के लिए बनी घड़ी पहनना अवैध और हराम है।”

 

सलमान खान को दी नसीहत

मौलाना रज़वी ने सलमान खान को गैर-इस्लामी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “सलमान खान भारत के मशहूर शख्सियत हैं और उनके लाखों मुस्लिम प्रशंसक हैं। अगर कोई मुस्लिम, चाहे वह सलमान खान ही क्यों न हो, राम मंदिर या किसी गैर-इस्लामी चीज का प्रचार करता है, तो वह अवैध और हराम है।”

 

सलमान खान की राम मंदिर एडिशन घड़ी की कीमत

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान की घड़ी, ‘जेकब एंड को एपिक X राम जन्मभूमि टाइटेनियम एडिशन 2’ की कीमत 34 लाख रुपये है। यह घड़ी सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। इसे एथोस वॉचेस के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें राम जन्मभूमि मंदिर की वास्तुकला को बेजल और डायल पर खूबसूरती से उकेरा गया है।

 

क्या कहती है शरीयत?

मौलाना रज़वी के अनुसार, इस्लाम में किसी भी गैर-इस्लामी चीज का प्रचार करना सख्त मना है, खासकर जब वह धार्मिक प्रतीक हो। उन्होंने सलमान खान से शरीयत के सिद्धांतों का पालन करने की अपील की।